नई दिल्ली: उत्तराखंड के नानीसार प्रकरण को लेकर शनिवार को प्रेस क्लब में एक कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें सूबे के मुख्यमंत्री हरीश रावत पर अवैध तरीके से जिंदल ग्रुप को इंटरनेशन स्कूल बनाने के लिए 353 नाली ( 7.61 हैक्टेयर) भूमि आवंटन का आरोप लगाया गया। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) के अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि वह नानीसार में 'हिमाशु एजुकेश सोसायटी' को दी गई भूमि को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत को खुली बहस की चुनौती देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पारदर्शिता की प्रकिया अपनाए बिना और पूरी गोपनीयता के साथ 'हिमाशु एजुकेश सोसायटी' को इंटरनेशनल स्कूल बनाने के लिए जमीन दे दी। इसमें ना तो गांव वालों की सहमति ली गई और ना ही ग्राम सभा की खुली बैठक बुलाई गई।
उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन मुख्यमंत्री के इशारे पर आंदोलनकारियों का दमन करना चाहता है। विकास का नारा देकर उत्तराखंड में जमीनों को लूट को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके खिलाफ हमारा संघर्ष जारी रहेगा। वहीं चारु तिवारी ने कहा कि अल्मोड़ा जिले के डीडा-द्वारसों गांव के तोक नानीसार में जमीन के आवंटन को लेकर हम अपने-अपने स्तर पर संघर्ष कर रहे हैं।हमारा संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जमीनों की लूट की पूरी समस्या राजनीतिक है और इसका समाधान भी राजनीतिक निकलना चाहिए। इसके लिए सबको एकजुट होकर संघर्ष करने की जरूरत है। गौरतलब है कि उत्तराखंड सरकार ने नानीसार में जिंदल सोसाइटी को इंटरनेशनल स्कूल बनाने के लिए 353 नाली जमीन का आवंटन किया है। इस भूमि आवंटन का उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी, नानीसार बचाओ संघर्ष समिति और विभिन्न संगठन विरोध कर रहे हैं।