देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पिछले सप्ताह जारी किये गये राज्य गीत को प्रदेश की संस्कृति, इतिहास, भूगोल और पहचान का समावेश बताते हुए अधिकारियों से उसका संक्षिप्त रूप तैयार करने को कहा है ताकि उसे औपचारिक समारोहों में गाया जा सके । यहां कल देर शाम संस्कृति विभाग की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री रावत ने प्रदेश को अपना गीत मिलने पर हर्ष जाहिर करते हुए कहा कि इस गीत में पूरे प्रदेश की संस्कृति, इतिहास, भूगोल व हमारी पहचान का समावेश किया गया है । उन्होंने कहा, वस्तुत: यह गागर में सागर भरने जैसा प्रयास है। गीत में हमारी भाषाओं का आदर करते हुए उ}ाराखण्डी भावना को लिया गया है।ॅ यहां जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य गीत का संक्षिप्त रूप तैयार करने को कहा है ताकि औपचारिक समारोहों में गीत की प्रस्तुति की जा सके। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि संक्षिप्त रूप में गीत की मूल भावना प्रभावित नहीं होनी चाहिये ।
गौरतलब है कि पिछले शुक्रवार को लोकार्पित किये गये राज्य गीत को हेमन्त बिष्ट ने लिखा है जबकि उसे संगीत व स्वर प्रसिद्घ लोकगायक नरंेद्र सिंह नेगी ने दिया है । नेगी के अलावा अनुराधा सरस ने भी गीत को आवाज दी है । यह गीत नौ मिनट का है और मुख्यमंत्री रावत ने इसके दो से तीन मिनट के संक्षिप्त रूप को तैयार करने को कहा है ।