चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में अलकनंदा नदी के किनारे ट्रांसफार्मर फटने से 16 लोगों की मृत्यु हो गई और 7 लोग घायल हो गए हैं। मारे गए लोगों में 4 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। चमोली के एसपी परमेंद्र डोभाल ने बताया कि घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे के मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिये हैं। उत्तराखंड में अनेक स्थानों पर इन दिनों लगातार बारिश हो रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोदी हादसे पर कहा, "चमोली में बेहद दुखद घटना का समाचार मिला है। 15 लोगों के हताहत होने की जानकारी अभी तक मिली है। इस घटना के मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिये गए हैं। एसडीआरएफ सभी बचाव दल घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। घायलों को हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है। जरूरत पढ़ने पर उन्हें अन्य अस्पतालों में शिफ्ट किया जाएगा। घायलों को हायर सेंटर पर रेफर करने के लिए हेलीकॉप्टर की सहायता ली जा रही है। ईश्वर से प्रार्थना है कि घायल जल्द स्वस्थ हो जाएं।"
बताया जा रहा है कि मारे गए लोगों में एक पुलिसकर्मी सब इंस्पेक्टर और 3 होमगार्ड के जवान हैं। प्रोजेक्ट में बने ब्रिज में करंट आने से ये हादसा हुआ। पहले एक जल निगम के कर्मचारी की मौत हुई, फिर अन्य करंट की चपेट में आ गए।
चमोली के पीपलकोटी में हुए हादसे को लेकर एडीजी लॉन आर्डर वी मुरुगेशन ने मीडिया को बयान जारी करते हुए कहा कि देर रात चमोली के पीपलकोटी के नमामि गंगे प्रोजेक्ट में एक हादसा हुआ था, जिसमें एक युवक की मौत हो गई, जिसका पंचनामा भरने के लिए पुलिस की टीम सुबह मौके पर पहुंची थी और मृतक के परिजन भी घटनास्थल पर मौजूद थे। इसी दौरान अचानक सुबह एक बार फिर करंट फैल गया। उन्होंने कहा कि इस दौरान 22 लोग करंट की चपेट में आ गए, जिनमें से 15 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 7 को घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, जिनमें से दो को हेलीकॉप्टर के जरिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। उन्होंने आगे बताया कि इस पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
लगातार बारिश से गंगा, यमुना सहित प्रदेश की सभी नदियां उफान पर आ गयी हैं। बारिश के कारण गंगा की सहायक अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ने के मद्देनजर पौड़ी जिले के श्रीनगर में जीवीके जलविद्युत परियोजना के बांध से करीब 3000 क्यूमैक्स अतिरिक्त पानी छोड़ा गया।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने पानी छोड़े जाने के चलते पौड़ी, टिहरी, हरिद्वार और देहरादून के जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। हरिद्वार, ऋषिकेश तथा अन्य जगहों पर पुलिस द्वारा लोगों को नदी तटों से दूर रहने तथा नदी किनारे बसे लोगों से अपनी सुरक्षा का ध्यान रखने और वहां से हटने के लिए मुनादी की जा रही है।