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नई दिल्ली: उत्तराखंड के एक गांव में करीब 30 लोगों द्वारा क्रिसमस के एक कार्यक्रम के दौरान "धर्मांतरण" कराए जाने को लेकर हमला करने का मामला सामने आया है। पुलिस सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार घटना उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के पुरोला गांव की बताई जा रही है। घटना शुक्रवार की है। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें पता चला था कि क्रिसमस पार्टी के दौरान इस गांव में कथित तौर पर धर्मांतरण कराया जा रहा है, इसी वजह से उन्होंने हमला किया।

सूत्रों के अनुसार पुलिस ने बाद में इस मामले में छह लोगों को हिरासत में लिया। इनमें पादरी लाजर कुरनेलियुस और उनकी पत्नी भी शामिल थीं। हालांकि बाद में पुलिस ने जांच के बाद उन्हें जाने दिया। इस मामले की जांच से जुड़े एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझा लेने के बाद ही इन दोनों को हिरासत से छोड़ा गया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने गांव के होप और लाइफ सेंटर पर हमला किया था। ये जगह राज्य की राजधानी देहरादून से करीब 150 किलोमीटर दूर है। घटना शुक्रवार दोपहर की है।

उन्होंने कहा, जिस पादरी पर हमला हुआ वो यूनियन चर्च मसूरी से ताल्लुक रखते हैं।

बता दें कि कुछ दिन पहले ही उत्तराखंड की बीजेपी सरकार ने राज्य में धर्मांतरण के खिलाफ एक बिल पास किया था। स्थानीय लोगों को कहना है कि अल्पसंख्यकों पर इस तरह के हमले पहले भी होते रहे हैं। पुलिस फिलहाल इस मामले में साफ तौर पर कोई भी जानकारी नहीं दे पाई है।

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