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देहरादून: उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन हटाने के नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद प्रदेश के निवर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला अंतरिम है। हमें अंतिम फैसले का इंतजार है। उन्होंने यह भी कहा कि हम हर परिवर्तन के लिए तैयार हैं। फैसले के बाद पत्रकारों से मुखातिब होते हुए हरीश रावत ने कहा कि पहले मैं बर्खास्त मुख्यमंत्री था, फिर हाईकोर्ट द्वारा मुख्यमंत्री बनाया गया और सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से अब निवर्तमान मुख्यमंत्री हूं। रावत ने कहा कि पर्दे के पीछे से सरकार बनाने की कोशिश चल रही थी। उस पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है। राज्य की जनता पर अनैतिक सरकार थोपने की कोशिश की जा रही थी। राजनैतिक अस्थिरता का खामियाजा राज्य को भुगतना पड़ रहा है। हम चाहते हैं कि इस मामले पर जल्द फैसला हो, ताकि जल्दी से फिर विकास कार्य हो सके। राज्य में जल्द ही चार धाम की यात्रा शुरू होने वाली है। राजनैतिक अस्थिरता की वजह से यात्रा की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं। पिछले दो साल में हमने काफी मेहनत से राज्य का नाम ऊंचा किया था। लेकिन इन हालातों से सारी मेहनत पर पानी फिर जाएगा। राज्य का विकास रुका हुआ है।

उन्होंने यह भी कहा कि हम हर तरीके के परिवर्तन के लिए तैयार हैं। हम मायूस नहीं हैं। हम जीत के प्रति आश्वस्त हैं। हमें उम्मीद है कि कोर्ट से हमें उम्मीद के अनुरूप फैसला सुनने को मिलेगा।

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