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अहमदाबाद: रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने सीमा पार सर्जिकल स्ट्राइक के लिए आरएसएस की प्रशंसा की है। अहमदाबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि शायद आरएसएस की शिक्षा ही सर्जिकल स्ट्राइक की प्रेरणा बनी। पर्रिकर ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक के संदर्भ में पीएम मोदी और उनका मेल लोगों को समझ में नहीं आ रहा था। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के राज्य से आने वाले पीएम मोदी और उनके गोवा से होने के चलते सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में यह मेल लोगों के समझ में नहीं आ रहा था। रक्षा मंत्री ने कहा कि शायद इसके मूल में आरएसएस की सीख थी जो सर्जिकल स्ट्राइक के लिए प्रेरणा बनी। गौरतलब है कि पीएम मोदी और मनोहर पर्रिकर दोनों आरएसएस की सेवा कर चुके हैं। यहां निरमा विश्वविद्यालय में ‘नो माए आर्मी (मेरी सेना को जानें)’ नाम के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगने वाले नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘लक्षित हमलों के बाद दो अच्छी बातें हुई हैं। पहली, कुछ राजनेताओं को छोड़ दिया जाए तो सभी भारतीय एक स्वर में बोल रहे हैं और हमारे बहादुर सैनिकों के समर्थन में खड़े हैं। दूसरी, बेहद प्रभावी ढंग से राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर हम (भारतीय) संवदेनशील हो गए हैं।’ इस तरह के कार्यक्रम के आयोजन के लिए पर्रिकर ने विश्वविद्यालय की प्रशंसा की ओर सेना में शामिल होने के लिए युवाओं का आह्वान किया।

सूरत: गुजरात में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए आप के प्रचार की शुरूआत करते हुये दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर हमला बोला और उनकी तुलना जनरल डायर से की तथा पटेल आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल को ‘देशभक्त’ करार देकर पाटीदार समुदाय को लुभाने का प्रयास किया। राज्य में आप की पहली रैली को संबोधित करते हुये उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस ‘पति और पत्नी’ की तरह हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कांग्रेस नेता अहमद पटेल ‘मिलकर’ काम करते हैं। केजरीवाल ने कहा कि चुनाव के बाद ‘आम आदमी’ विधानसभा में बैठेगी ना कि कांग्रेस और भाजपा के सदस्य। पिछले साल पटेल समुदाय के सदस्यों और पुलिस के बीच की हिंसक झड़पों का जिक्र करते हुये उन्होंने कहा, ‘26 अगस्त (2015) को किसने पाटीदार आरक्षण आंदोलनकर्ताओं पर गोली चलाने का आदेश दिया था। वे भारत के नागरिक थे ना कि आतंकवादी। पुलिस गोलीबारी में 14 युवक मारे गये। हर कोई जानता है कि यह आदेश किसने दिया था.. यह अमित शाह थे।’ केजरीवाल ने कहा, ‘‘आप जानते हैं कि राज्य कौन चला रहा है। वह अमित शाह हैं। पहले आनंदीबेन पटेल मुख्यमंत्री थीं। अब विजय रूपानी हैं जो केवल अमित शाह का एक रबड़ स्टांप हैं।’

मेहसाणा: गुजरात विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की दावेदारी पेश करने की अटकलों के बीच पार्टी के संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को आंदोलनकारी पटेल समुदाय से गुजरात की राजनीति की ‘सफाई’ करने के लिए समर्थन मांगा। उन्होंने यहां के पटेल बहुल पिलुद्रा गांव में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस गांव का खास महत्व है क्योंकि एक साल पहले यहां से ही पटेल आरक्षण आंदोलन शुरू हुआ था। वहीं नियंत्रण रेखा के पार सेना के लक्षित हमले को लेकर केजरीवाल की टिप्पणी को लेकर एक संगठन ने विरोध प्रदर्शन किया। केजरीवाल ने आप के 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी के समर्थन से सूपड़ा साफ करने की याद दिलाते हुए अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान और पाटीदार आंदोलन की तुलना की। उन्होंने कहा, ‘मैं आपके साहस को सलाम करता हूं क्योंकि मुझे पता चला है कि पाटीदार आंदोलन इसी गांव से शुरू हुआ था। कुछ साल पहले हमने देश में व्याप्त व्यापक भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना आंदोलन किया था। हमने सरकार से भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए कड़े कानून बनाने को कहा क्योंकि हमारे पास उस तरह के अधिकार नहीं थे।’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हमारी मांग मानने की बजाए हमसे इस तरह का कानून लाने के लिए खुद सरकार बनाने के लिए कहा गया। हमें गंभीरता से नहीं लिया गया।

अहमदाबाद: पटेल कोटा आंदोलन नेता हार्दिक पटेल गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल में जोश भरते नजर आ रहे हैं। दरअसल उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री के समर्थन में बयान जारी किए हैं और उन्हें यह बताने की अपील की है कि वह उनके समुदाय के लिए क्या कर सकते हैं। केजरीवाल गुजरात की 4 दिनों की यात्रा पर है। इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गृह राज्य में मजबूत पटेल समुदाय को रिझाने के तौर पर व्यापक रूप से देखा जा रहा है। राज्य में भाजपा लंबे समय से सत्ता में है लेकिन अब यह चुनौतियों का सामना कर रही है। जेल से बाहर आने के बाद हार्दिक को गुजरात की सभी राजनीतिक पार्टियां रिझा रही हैं। उन्होंने घोषणा की है कि यदि उनके समुदाय के सदस्यों ने चाहा तो वह राजनीति में उतर सकते हैं। पटेल के आप और केजरीवाल की ओर झुकाव को उनके संगठन पटीदार अनामत आंदोलन समिति (पीएएएस) की रणनीति में बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। पीएएएस ने अब तक राजनीतिक दलों से दूरी बनाए रखी है लेकिन जब कभी भाजपा और कांग्रेस ने पटेल के वर्चस्व वाले इलाकों में कार्यक्रम आयोजित करने की कोशिश की तब उन्होंने इनके नेताओं से दूरी बनाए रखी। हार्दिक ने कल केजरीवाल के समर्थन मे एक बयान जारी किया। हालांकि सेना के ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ पर की गई उनकी टिप्पणी को लेकर एक स्थानीय संगठन युवा आजादी के सदस्यों ने प्रदर्शन किया।

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