ताज़ा खबरें
ज्ञानेश कुमार को हटवाइए, 30 सेकंड में रुक जाएगा आंदोलन: राहुल
मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी, अमित शाह पर टिप्पणी का था केस
जामिया यूनिवर्सिटी में दो दशक बाद छात्र संघ चुनाव कराने का एलान
एसआईआर के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन आजादी की दूसरी लड़ाई: खड़गे

भोपाल: मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह की ओर से सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान की जांच करने के लिए पुलिस ने 3 सदस्यीय एसाईटी बनाई है। कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर शाह ने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने जांच के लिए एसआईटी बनाने का आदेश दिया था। पुलिस ने सोमवार (19 मई) देर रात टीम का गठन किया। मीडिया रिपोर्टस के अनुसार अधिकारियों ने बताया कि यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में लिया गया है।

इस विशेष जांच टीम में 3 वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए, जिनमें पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) प्रमोद वर्मा, उप महानिरीक्षक (डीआईजी) कल्याण चक्रवर्ती और पुलिस अधीक्षक (एसपी) वाहिनी सिंह हैं। सुप्रीम कोर्ट ने साफ निर्देश दिया था कि मंगलवार (20 मई) सुबह 10 बजे तक एसआईटी गठित कर दी जाए, जिसमें एक महिला अधिकारी भी शामिल होनी चाहिए। इसके बाद राज्य के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने एसआईटी के गठन का आदेश जारी किया और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा।

आगे क्या करेगी एसआईटी?

जांच टीम में शामिल अधिकारी राज्य में विभिन्न जिम्मेदारियों को निभा रहे हैं। प्रमोद वर्मा वर्तमान में सागर रेंज के आईजी हैं, कल्याण चक्रवर्ती एसएएफ, भोपाल में डीआईजी के पद पर कार्यरत हैं, जबकि वाहिनी सिंह डिंडोरी की पुलिस अधीक्षक हैं। यह टीम अब उस एफआईआर की जांच करेगी, जो मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बाद मंत्री विजय शाह के खिलाफ दर्ज की गई थी।

उल्लेखनीय है कि शाह का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चर्चा में आईं कर्नल सोफिया कुरैशी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस पूरे मामले में मंत्री शाह को कई आलोचना का सामना करना पड़ा। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भी अपने आदेश में उनके बयान को 'अशोभनीय' और 'निचले स्तर की भाषा' बताया था।

कोर्ट ने पुलिस को धारा 153-ए के तहत यानि वैमनस्य और घृणा फैलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। जनता और पूर्व सैन्य अधिकारियों की तीखी प्रतिक्रिया के बाद विजय शाह ने खेद जताया और कहा कि वे कर्नल कुरैशी का अपनी बहन से भी अधिक सम्मान करते हैं। अब सभी की नजरें एसआईटी की जांच पर टिकी हैं।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख