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कोलकाता: त्रिपुरा में राजनीतिक बवाल के बीच गुरुवार को नगर निकाय चुनाव के लिए वोटिंग हो रही है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सहित राज्य में विपक्षी पार्टी सीपीआई (एम) ने वोटिंग के दौरान धांधली का आरोप लगाया है। विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया है कि सत्तारूढ़ भाजपा के कार्यकर्ता मोटरसाइकिलों पर बैठकर घूम रहे हैं और उनके उम्मीदवारों को डरा-धमका रहे हैं। सीपीआई (एम) और तृणमूल कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाए हैं कि यहां पोलिंग बूथ में हर वोटर को जाने भी नहीं दिया जा रहा है। उन्हें बाहर रोका जा रहा है।

विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया कि गैंग में घूम रहे कुछ लोग जो अपना चेहरा मास्क और हेलमेट से पहनकर घूम रहे हैं, वो लोगों के दरवाजे तक जाकर उन्हें पोलिंग बूथ पर वोटिंग के लिए नहीं जाने की धमकी दे रहे हैं। टीएमसी के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से एक वीडियो शेयर किया गया है। इस वीडियो में काला जैकेट पहने हुए एक आदमी को बूथ के अंदर देखा जा सकता है। पार्टी का आरोप है कि यह शख्स जबरदस्ती बूथ में घुसकर दूसरों के नाम पर बटन दबा रहा था।

नई दिल्ली: त्रिपुरा में चल रहे स्थानीय निकाय चुनावों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है सशस्त्र केंद्रीय पुलिस बल (सीएपीएफ) की दो कंपनियों को जल्द ये जल्द त्रिपुरा भेजा जाय. कोर्ट ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को इस बावत तुरंत कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही कोर्ट ने चुनावों में सीसीटीवी की अनुपस्थिति में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया को बेरोक-टोक चुनाव की कवरेज की इजाजत देने को कहा है. कोर्ट ने कहा कि राज्य चुनाव आयोग और अधिकारी इस आदेश का पालन करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निकाय चुनाव शुरू हो चुके हैं, इसलिए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए वहां तुरंत केंद्रीय सुरक्षा बल भेजा जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बिना किसी व्यवधान के वोटिंग सुनिश्चित किया जाए। कोर्ट ने डीजीपी, आईजीपी और एमएचए को लगातार हालात की समीक्षा करने को कहा है। कोर्ट ने कहा है कि शीर्ष अधिकारी हालात की समीक्षा कर सुझाव देंगे कि क्या वहां और अधिक सुरक्षाबलों की जरूरत है।

अगरतला: त्रिपुरा नगरपालिका चुनाव में वोटिंग जारी है। सुबह से ही लोगों की भीड़ बूथों पर जुटी थी। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम थे। बता दें कि नगर निकाय चुनावों के लिए पूरे राज्य में 770 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। अगरतला के वार्ड संख्या 20 के एक मतदान केंद्र पर लोगों की भीड़ सुबह से ही जमा थी।

नगरपालिका चुनाव को लेकर ट्विटर पर एक पोस्ट किया है, जिसमें दिख रहा है कि लोग लाइन लगाकर वोट करने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। वहीं पहले से आए कुछ लोग अपना वोट डालकर घर जा रहे हैं। हर केंद्र पर वोटिंग के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।

 

नई दिल्‍ली (जनादेश ब्यूरो): त्रिपुरा चुनावी हिंसा के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्‍य सरकार से पूछा है कि क्या भाजपा विधायक ने तालिबान स्टाइल में हिंसा करने का भाषण दिया था? सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि अगर दिया है तो विधायक के खिलाफ क्या कार्यवाही की गई ? सुप्रीम कोर्ट ने त्रिपुरा सरकार से चुनाव वाले क्षेत्र में अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की तैनाती पर भी विचार करने को कहा है। मामले पर अब 3.45 बजे सुनवाई होगी। सुनवाई के दौरान त्रिपुरा की ओर से महेश जेठमलानी ने कहा कि हमें नहीं लगता कि ये हिंसा को उकसाने का भाषण था। विधायक को पूछताछ के लिए बुलाया भी गया है। दूसरी ओर, टीएमसी की तरफ से जयदीप गुप्ता ने कहा कि हालात इतने खराब हैं कि डर के चलते सीपीएम ने अपने उम्मीदवारी वापस ले ली। अगर हम खड़े नहीं हुए तो वहां कोई विपक्ष नहीं हो्गा।

दरअसल टीएमसी का आरोप है कि 18 अगस्त को त्रिपुरा के भाजपा विधायक अरुण चंद्र भौमिक ने पार्टी कार्यकर्ताओं से 'तालिबानी स्टाइल' में टीएमसी नेताओं पर हमला करने को कहा था।

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