नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के उस आदेश को निरस्त कर दिया जिसमें सीबीआई को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के प्रधान सचिव राजेन्द्र कुमार के कार्यालय पर 15 दिसंबर को डाले गए छापे के दौरान जब्त दस्तावेज लौटाने का निर्देश दिया गया था। न्यायमूर्ति पीएस तेजी की पीठ ने सीबीआई की अपील स्वीकार करते हुए कहा कि निचली अदालत अपने अधिकार क्षेत्र से आगे निकल गई और इसमें परस्पर विरोधी कारण दिए गए हैं। पीठ ने कहा, ‘अपील की इजाजत है। निचली अदालत का आदेश निरस्त है।’ सीबीआई ने एक फरवरी को उच्च न्यायालय के समक्ष कहा था कि जब्त दस्तावेजों से आप सरकार का कामकाज ठप्प नहीं हुआ है। सीबीआई ने कहा था कि ‘जांच के शुरूआती चरण में दस्तावेजों की प्रासंगिकता जांच एजेंसी को मालूम होने पर भी प्रकट नहीं की जा सकती क्योंकि यह जारी जांच को नुकसान पहुंचा सकती है।’’
सीबीआई ने पिछले साल 15 दिसंबर को कुमार के कार्यालय पर छापा मारा था। जांच ब्यूरो ने कुमार तथा अन्य के खिलाफ ये आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया था कि उन्होंने ‘दिल्ली सरकार के एक विभाग से निविदा पाने में पिछले कुछ वर्ष के दौरान एक खास फर्म की तरफदारी कर’ अपनी सरकारी हैसियत का दुरूपयोग किया है।