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इंफाल/नई दिल्ली: मणिपुर के जिरीबाम जिले में संदिग्‍ध उग्रवादियों द्वारा घात लगातार किए गए हमले में एक सीआरपीएफ जवान शहीद हो गया। सीआरपीएफ और पुलिस के संयुक्‍त गश्‍ती दल पर संदिग्‍ध उग्रवादियों ने हमला किया था। साथ ही हमले में दो पुलिस कमांडो घायल भी हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, संयुक्‍त गश्‍ती दल पर असम की सीमा से लगे जिले में संदिग्‍ध उग्रवादियों ने भारी गोलीबारी की। जिस वक्‍त संदिग्‍ध उग्रवादियों ने गोलीबारी शुरू की गई, उस वक्‍त सीआरपीएफ जवान एक गश्‍ती एसयूवी के पास चल रहा था।

आतंकियों ने किया सुरक्षाबलों पर घात लगाकर हमला

घटनास्‍थल से सामने आए दृश्‍यों में एसयूवी पर कई गोलियों के छेद हैं और पीछे की विंडशील्‍ड टूटी नजर आ रही है। वाहन के अंदर मौजूद दो पुलिस कमांडो को भी गोली लगी है। प्रदेश की राजधानी इंफाल से करीब 220 किलोमीटर दूर जिरीबाम से फोन पर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मीडिया को बताया, "हमने प्रभावी गोलीबारी की। उग्रवादी जंगल की आड़ लेकर भाग गए। तलाशी अभियान जारी है।"

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): देश के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर हिंसा के मामले को लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने सोमवार (17 जून) को मणिपुर में सुरक्षा हालात की समीक्षा करने के लिए एक हाई लेवल मीटिंग बुलाई। मणिपुर में एक साल से ज्यादा समय से जातीय हिंसा का माहौल है।

मणिपुर की राज्यपाल ने गृहमंत्री से की मुलाकात

अधिकारियों ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ अन्य सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी इस संबंध में एक उच्च-स्तरीय बैठक की। मणिपुर की राज्यपाल अनुसूइया उइके ने रविवार को शाह से मुलाकात की थी और समझा जाता है कि दोनों ने राज्य के मौजूदा हालात पर चर्चा की। बहुसंख्यक मेइती समुदाय की अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग के विरोध में राज्य के पहाड़ी जिलों में आदिवासी एकजुटता मार्च के बाद 3 मई, 2023 को मणिपुर में जातीय हिंसा भड़क उठी थी। तब से जारी हिंसा में कुकी और मेइती समुदायों तथा सुरक्षा बलों के 220 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।

इंफाल: मणिपुर की राजधानी इंफाल के ओल्ड लम्बुलैन में कड़ी सुरक्षा वाले सचिवालय परिसर के नज़दीक एक घर में आज आग लग गई। जिस घर में आग लगी वह मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के सरकारी बंगले से कुछ ही दूरी पर है। आग किस वजह से लगी इसका पता अभी नहीं चल पाया है। पुलिस ने बताया कि यह खाली घर गोवा के पूर्व मुख्य सचिव दिवंगत थांगखोपाओ किपगेन का था। पुलिस के अनुसार घटनास्थल पर पहुंचकर दमकल की गाड़ियों ने आग पर काबू पा लिया।

सचिवालय परिसर में मचा हड़कंप

सचिवालय परिसर के पास जिस घर में आग लगी वह कुकी इन कॉम्प्लेक्स के बगल में स्थित है, जो इंफाल के बाबूपारा में मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह के आवास के सामने है।

पुलिस ने बताया कि मणिपुर में चल रही हिंसा की वजह से उस घर के लोग उसे पहले ही छोड़कर चले गए थे। घर की छत लकड़ी और गैल्वनाइज्ड टिन से बनी थी, जिस कारण आग की लपटें तेज हो गई थी। इस वजह से आग बुझाने के लिए थौबल जिले से अतिरिक्त अग्निशमन विभाग की मदद ली गई।

इंफाल: हिंसाग्रस्त मणिपुर में मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के काफिले पर उग्रवादियों ने हमला कर दिया। हालांकि, काफिले में मुख्यमंत्री शामिल नहीं थे। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की अग्रिम सुरक्षा टीम पर घात लगाकर किए गए हमले में दो सुरक्षाकर्मी घायल हो गया है। घटना सोमवार की सुबह की है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री मौजूदा स्थिति का जायजा लेने के लिए मंगलवार को संकटग्रस्त जिरीबाम जिले का दौरा करने वाले थे। घटना के बाद मणिपुर पुलिस कमांडो और असम राइफल्स ने एक संयुक्त टीम बनाई है और अपराधियों का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि मंगलवार को सीएम एन.बीरेन सिंह हिंसाग्रस्त जिरीबाम का दौरे पर जाने का कार्यक्रम था। इसी सिलसिले में सीएम की अग्रिम सुरक्षा टीम हालात का जायजा लेने के लिए जिरीबाम जा रही थी। इसी दौरान सिनम के पास उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला किया।

विश्वसनीय सूत्रों ने संकेत दिया है कि मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह कल जेरीबाम का दौरा करने वाले हैं। तैयारी के तौर पर, उन्होंने स्थिति का आकलन और निगरानी करने के लिए आज सैनिकों को भेजा।

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