नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह को कथित धन शोधन मामले में सम्मन भेजा है। सूत्रों ने बताया कि प्रतिभा से अगले हफ्ते जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने को कहा गया है। एजेंसी ने इस साल के शुरू में मुख्यमंत्री की लगभग आठ करोड़ रूपये मूल्य की संपत्ति कुर्क कर ली थी। सिंह ने उनके और उनकी पत्नी के खिलाफ लगाये गये आरोपों को गलत बताया है। एजेन्सी ने यह कदम दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष दायर की गई सिंह की उस याचिका के मद्देनजर उठाया जिसमें उन्होंने आशंका जताई थी कि बीमा एजेंट आनंद चौहान के कथित खुलासे के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय उन्हें गिरफ्तार कर सकता है। मामले के संबंध में चौहान को हाल में चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया था। एजेंसी ने इस संबंध में सीबीआई द्वारा पिछले साल सितंबर में दायर की गई एक शिकायत का संज्ञान लेने के बाद धन शोधन के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया था। प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले साल इस मामले में दिल्ली, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में छापेमारी भी की थी। एजेंसी सिंह और उनके परिवार के खिलाफ इन आरोपों में जांच कर रही है कि सिंह के केंद्रीय इस्पात मंत्री रहने के दौरान 2009 से 2011 के बीच उन्होंने उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से 6.1 करोड़ रूपये अधिक की संपत्ति बनाई थी।
सीबीआई की प्राथमिकी में सिंह, प्रतिभा सिंह, चौहान और उनके भाई सीएल चौहान का नाम था और उन पर भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के आरोप लगाए गए थे। केंद्रीय जांच एजेंसी को संदेह है कि 2009 से 2011 की अवधि के दौरान सिंह ने चौहान के जरिए अपने और अपने परिवार के नाम से बीमा पॉलिसियों में 6.1 करोड़ रूपये का कथित निवेश किया था और इस राशि को अपनी कृषि आय बताया था। इसने आरोप लगाया कि सिंह ने 2012 में संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल कर इसे कृषि आय के रूप में वैध बनाने की कोशिश की।