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मलप्पुरम (केरल): कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ केरल में बृहस्पतिवार को सम्पन्न हुई। पदयात्रा को दोपहर से तमिलनाडु में फिर शुरू किया जाएगा।

राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार सुबह यहां चुंगथारा के मार्थोमा कॉलेज जंक्शन से पदयात्रा शुरू की थी, जो लगभग 8.6 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद वाझिकदावु में सीकेएचएस मणिमूली पहुंची। यह केरल में यात्रा का अंतिम पड़ाव था।

गांधी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश, दिग्विजय सिंह ने केरल प्रदेश कांग्रेस समिति (केपीसीसी) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) नेताओं, पार्टी कार्यकर्ताओं और अन्य सभी को धन्यवाद दिया जो राज्य में 18 दिन से अधिक समय तक पदयात्रा का हिस्सा बने।

गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘ घर वहीं है जहां आपको प्यार मिले और केरल मेरा घर है। मैं कितना भी स्नेह दे दूं, मुझे यहां के लोगों से बदले में उससे हमेशा अधिक ही मिलता है। मैं सदा ऋणी रहूंगा। शुक्रिया।’’

त्रिशूर: केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा है कि कांग्रेस राज्य में 2019 के संसदीय चुनावों के दौरान जीती गई लोकसभा सीटों को बरकरार नहीं रख पाएगी, क्योंकि राहुल गांधी सहित इसके सांसद राष्ट्रीय राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का विरोध करने में ‘विफल' रहे हैं। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के नेतृत्व में जारी ‘भारत जोड़ो यात्रा' के स्वागत के लिए लगाए गए बैनर में 20 भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों में वी. डी. सावरकर की तस्वीर शामिल किए जाने पर भी कांग्रेस पार्टी पर तंज कसा।

वामपंथी नेता अझीकोडन राघवन के 50वें शहादत दिवस के मौके पर यहां लोगों को संबोधित करते हुए विजयन ने कहा कि उनके राज्य के लोगों ने महसूस किया है कि केरल से गांधी को लोकसभा के लिए चुनना एक गलती थी। विजयन ने कहा, ‘‘जब राहुल गांधी ने यहां चुनाव लड़ा तो हमारे लोगों को लगा कि वे प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। लेकिन लोग अब जानते हैं कि यह एक गलती थी। कांग्रेस की वह चाल यहां दोबारा नहीं चलेगी। केरल के यूडीएफ सांसद राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी का विरोध भी नहीं कर रहे हैं।

तिरुवनंतपुरमः इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) द्वारा शुक्रवार को केरल में आहूत दिनभर की हड़ताल के बीच राज्य में कई जगहों पर हिंसा भड़क गई। पूरे राज्य में सार्वजनिक परिवहन की बसों पर पथराव होने, दुकानों, वाहनों को क्षति पहुंचाने और हिंसा की घटनाओं की भी सूचना मिली है। यहां तक ​​कि मामला बढ़ता देख केरल उच्च न्यायालय को स्वत: संज्ञान लेना पड़ा है। कोर्ट ने पुलिस को सार्वजनिक संपत्तियों को नष्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगभग 70 सरकारी बसों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, कई जगहों पर बम फेंके गए और कन्नूर (उत्तरी केरल) में आरएसएस के कार्यालय पर बदमाशों ने हमला किया। कन्नूर में एक पीएफआई कार्यकर्ता को जिंदा बम के साथ पकड़ा गया है। हिंसा के सिलसिले में 200 से अधिक पीएफआई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। कुछ जगहों पर एंबुलेंस पर भी पथराव किया गया। हिंसा में 12 बस यात्री और छह चालक घायल हुए हैं।

तिरुवनंतपुरम: केरल हाईकोर्ट ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के नेताओं के खिलाफ राज्य में छापेमारी और उसके 100 से अधिक शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में बंद के आह्वान पर संज्ञान लिया है। केरल हाईकोर्ट ने कहा है कि राज्य में कोई भी बिना अनुमति के बंद या हड़ताल का आह्वान नहीं कर सकता। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वे अपने आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना अस्वीकार्य है। केरल हाईकोर्ट ने 7 जनवरी 2019 के आदेश में कहा था कि कोई भी 7 दिनों पहले दी गई सूचना के बिना राज्य में बंद का आह्वान नहीं कर सकता।

कर्नाटक में पीएफआई पर बैन

कर्नाटक के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने कहा है कि पीएफआई पर बैन लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस ने गुरुवार को 18 स्थानों की तलाशी ली थी और 15 लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। एनआईए ने सात लोगों को अरेस्ट किया है।

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