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नई दिल्ली: तमिलनाडु सरकार ने भी बिना इजाजत राज्य में सीबीआई की एंट्री पर रोक लगा दी है। एम के स्टालिन की सरकार ने बुधवार को फैसला लिया है कि तमिलनाडु में किसी भी जांच के लिए आने से पहले सीबीआई को अब राज्य सरकार से इजाजत लेनी होगी। तमिलनाडु से पहले 9 राज्य जिनमें पश्चिम बंगाल, राजस्थान, केरल, मिजोरम, पंजाब, तेलंगाना भी शामिल है की सरकारों की तरफ से ऐसे फैसले लिए जा चुके हैं। हाल के दिनों में सीबीआई द्वारा विपक्षी नेताओं पर की जा रही कार्रवाई के बाद इन राज्यों के द्वारा केंद्रीय जांच ब्यूरो को मिलने वाली जांच के लिए आम सहमति वापस ले गई है।

गौरतलब है कि डीएमके सरकार ने यह फैसला राज्य सरकार के मंत्री वी. सेंथिल बालाजी पर मंगलवार को हुई कार्रवाई के बाद उनके तबीयत बिगड़ने के बाद ली है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन के एक मामले की जांच के तहत मंगलवार को तमिलनाडु के बिजली मंत्री वी सेंथिल बालाजी और कुछ अन्य लोगों के परिसरों पर छापे मारे थे। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इरोड के अलावा बालाजी के गृह जिले करूर में भी तलाशी ली गई थी।

चेन्नई: तमिलनाडु के मंत्री वी. सेंथिल बालाजी को धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है, आधिकारिक सूत्र से ये जानकारी मिली है। पूछताछ के एक लंबे सत्र के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। मंगलवार को उन्‍हें बेचैनी की शिकायत के बाद शहर के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बताया जा रहा है कि वी. सेंथिल को आज एक विशेष अदालत में पेश किए जाने की संभावना है, जहां एजेंसी उनकी हिरासत की मांग करेगी।

बुधवार को ईडी, बालाजी को मेडिकल परीक्षण के लिए चेन्नई के ओमांदुरार सरकारी अस्पताल ले आई। अस्पताल के बाहर का दृश्य हाई वोल्‍टेज ड्रामा से भरा था। एंबुलेंस में अस्पताल लाए गए डीएमके नेता को वाहन के अंदर दर्द से कराहते और रोते देखा गया, जबकि उनके समर्थक बाहर खड़े होकर जांच एजेंसी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन के एक मामले की जांच के तहत मंगलवार को तमिलनाडु के बिजली मंत्री वी. सेंथिल बालाजी और कुछ अन्य लोगों के परिसरों पर छापे मारे थे।

नई दिल्ली: कर्नाटक के बाद अब तमिलनाडु में बीजेपी को झटका लग सकता है। राज्य में पार्टी की एक मात्र सहयोगी एआईएडीएमके (अन्नाद्रमुक) नाराज हो गई है। राज्य भाजपा प्रमुख के अन्नामलाई की विवादास्पद टिप्पणियों से नाराज अन्नाद्रमुक ने बीजेपी को अल्टीमेटम दिया है कि वो अपने प्रदेश अध्यक्ष पर लगाम लगाए, वरना वो गठबंधन को लेकर विचार कर सकती है। अन्नामलाई द्वारा अन्नाद्रमुक और उसकी नेता जे जयललिता की कथित आलोचना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए जयकुमार ने भाजपा नेता पर गठबंधन में भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया और पूछा कि क्या दिल्ली के नेताओं ने उनके बयानों को अनुमति दे रखी है?

गौरतलब है कि अन्नामलाई ने जयललिता को लेकर एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी ठहराया गया था। बताते चलें कि उनका यह बयान तथ्यात्मक रूप से गलत है। जयललिता की सहयोगी शशिकला और कुछ अन्य लोगों को उच्चतम न्यायालय द्वारा आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में दोषी ठहराया गया था।

चेन्नई: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की "तमिलनाडु से कोई बने प्रधानमंत्री" वाली टिप्पणी को लेकर तंज़ कसते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने हैरानी जताई, "पता नहीं, पीएम नरेंद्र मोदी से भाजपा नेता (अमित शाह) क्यों नाराज़ हैं...?" गृहमंत्री की टिप्पणी पर जवाब देते हुए सलेम में एमके स्टालिन बोले, "मैं उनके सुझाव का स्वागत करता हूं, लेकिन मैं नहीं जानता, उन्हें (पीएम नरेंद्र) मोदी से क्या नाराज़गी है।"

मिली ख़बरों के मुताबिक, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को तमिलनाडु में अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से कड़ी मेहनत करने का आग्रह किया था, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि तमिलनाडु का कोई व्यक्ति भविष्य में भारत का प्रधानमंत्री बने।

उसी टिप्पणी पर जवाब देते हुए एमके स्टालिन ने कहा, "अगर भारतीय जनता पार्टी ;भाजपाद्ध का विचार है कि किसी तमिलियन को प्रधानमंत्री बनना चाहिए, तो तमिलसाई सौंदराजन (तेलंगाना के गवर्नर) और एल. मुरुगन (केंद्रीय मंत्री) हैं... मेरे विचार में उन्हें प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी बनने का अवसर मिल सकता है।"

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