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अल्लूरी सीताराम राजू: आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू (एएसआर) जिले में देर रात बड़ा सड़क हादसा हो गया, जब एक प्राइवेट ट्रैवल्स बस चित्तूर-मरडुमल्‍ली घाट रोड पर अनियंत्रित होकर गहरी घाटी में जा गिरी। हादसे में 10 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।

बस में कुल 37 यात्री सवार थे। यह बस तेलंगाना के भद्राचलम से अन्नावरम की ओर जा रही थी।

कलेक्टर ने हादसे की पुष्टि, बचाव कार्य जारी

एएसआर जिला कलेक्टर दिनेश कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि अब तक 9-10 लोगों की मौत की सूचना है। प्रशासन ने त्वरित राहत अभियान चलाते हुए घायलों को भद्राचलम एरिया अस्पताल पहुंचाया है। कलेक्टर ने कहा कि कई घायलों की हालत गंभीर है, इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बस चित्तूर-मरडुमल्‍ली गिरी मार्ग पर मोड़ पर चालक के नियंत्रण खोने के बाद गहरी घाटी में जा गिरी। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कई यात्रियों की मौके पर ही जान चली गई।

श्रीकाकुलम: आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में शनिवार को एकादशी के अवसर पर बड़ी भगदड़ मच गई। इस हादसे में 9 लोगों के मौत हो गई है, जबकि कई श्रद्धालु घायल भी हुए हैं। जानकारी के अनुसार, कार्तिक मास के चलते मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे थे। भक्तों की भीड़ इतनी अधिक हो गई कि स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन स्थिति पर नियंत्रण नहीं रख सका। अचानक धक्का-मुक्की शुरू होने से भगदड़ मच गई। लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे जिससे अफरातफरी फैल गई। राहत और बचाव कार्य जारी है और घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सीएम चंद्रबाबू नायडू ने जताया दुख

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस दर्दनाक घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, “काशीबुग्गा स्थित वेंकटेश्वर मंदिर में भगदड़ की घटना बेहद दुखद है। श्रद्धालुओं की मौत हृदयविदारक है. मैं मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं।”

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मार्च 2019 में आंध्र प्रदेश में आयोजित एक धरने को लेकर दर्ज की गई प्राथमिकी को रद्द कर दिया। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि धरना देने वाले लोग अपने अभिव्यक्ति की आजादी और शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने के अधिकार का उपयोग कर रहे थे।

जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने बताया कि यह प्राथमिकी उस समय दर्ज की गई थी, जब राज्य में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए आदर्श आचार संहिता लागू थी। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला अभिनेता और शिक्षाविद् मांचू मोहन बाबू और उनके बेटे मांचू विष्णु वर्धन बाबू की अपीलों पर आया है। उन्होंने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द करने से इंकार कर दिया गया था।

पीठ ने कहा कि प्राथमिकी और आरोपपत्र में ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि चुनावों पर किसी तरह का गलत प्रभाव डाला गया या स्वतंत्र मतदान प्रक्रिया में कोई दखल दिया गया।

अमरावती: तेलंगाना के बाद अब आंध्र प्रदेश सरकार ने भी रमजान के महीने में मुस्लिम सरकारी कर्मचारियों को एक घंटे पहले कार्यालय छोड़ने की अनुमति दी है। यह छूट 2 मार्च से 30 मार्च 2025 तक लागू होगी, ताकि कर्मचारी रोजा खोलने और नमाज अदा करने के लिए समय निकाल सकें। तेलंगाना में विपक्षी दल बीजेपी प्रदेश सरकार के इस फैसले का विरोध कर रही है।

बीजेपी आईटी सेल प्रभारी अमित मालवीय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि तुष्टिकरण का वायरस तेलंगाना की कांग्रेस सरकार में फैल गया है, जिसने रमज़ान के दौरान मुस्लिम राज्य कर्मचारियों के लिए काम के घंटे कम करने को मंजूरी दे दी है। हिंदुओं को नवरात्रि के व्रत के दौरान ऐसी कोई छूट नहीं दी जाती है।

आंध्र प्रदेश की गठबंधन सरकार में बीजेपी शामिल है। ऐसे में मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडु ने रमजान के दौरान मुसलिम कर्मचारियों को रोजे खोलने के लिए एक घंटे की छूट देकर बीजेपी के लिए दिक्कत खड़ी कर दी है। एनडीए घटक टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडु के इस फैसले से बीजेपी को झटका लगा है।

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