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नई दिल्ली: रुपया शुरुआती बढ़त को गंवाते हुए शुक्रवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले तीन पैसे की बढ़त के साथ 95.71 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि कमजोर डॉलर और घरेलू बाजार में सकारात्मक रुख के कारण रुपया शुरुआती कारोबार में बढ़त में रहा। हालांकि, वैश्विक तनाव जारी रहने के कारण रुपये ने शुरुआती बढ़त गंवा दी।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.69 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 95.65 प्रति डॉलर के उच्चतम और 95.75 प्रति डॉलर के निचले स्तर तक गया। अंत में यह पिछले बंद भाव के मुकाबले तीन पैसे की बढ़त के साथ 95.71 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

रुपया बृहस्पतिवार को शुरुआती बढ़त को गंवाते हुए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एक पैसे की गिरावट के साथ 95.74 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

नई दिल्ली: देश का विदेशी मुद्रा भंडार 14 अगस्त को समाप्त सप्ताह में 9.90 अरब डॉलर बढ़कर 716.91 अरब डॉलर रहा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इससे पिछले सप्ताह, सात अगस्त को समाप्त सप्ताह में कुल विदेशी मुद्रा भंडार 14.14 अरब डॉलर बढ़कर 707.002 अरब डॉलर रहा था।

इस साल 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 728.49 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। इसके बाद पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने से कई सप्ताह तक भंडार में गिरावट आई थी। रुपये पर दबाव बढ़ने के बीच आरबीआई को डॉलर की बिक्री के जरिये विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करना पड़ा था।

केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के अनुसार, 14 अगस्त को समाप्त सप्ताह में भंडार का प्रमुख घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 7.22 अरब डॉलर बढ़कर 581.85 अरब डॉलर हो गईं। डॉलर के संदर्भ में इन विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं के उतार-चढ़ाव का प्रभाव भी शामिल होता है।

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में करीब सपाट बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 3 अंक की मामूली बढ़त के साथ 77,540.83 और निफ्टी 20.15 अंक या 0.08 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,252.00 पर था।

सत्र के दौरान बाजार में खरीदारी को सहारा मेटल और बैंकिंग शेयरों ने दिया। सूचकांकों में निफ्टी मेटल 0.86 प्रतिशत की तेजी के साथ टॉप गेनर था। इसके अलावा, निफ्टी बैंक (0.46 प्रतिशत), निफ्टी पीएसई (0.46 प्रतिशत), निफ्टी रियल्टी (0.40 प्रतिशत), निफ्टी इंडिया डिफेंस (0.32 प्रतिशत), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस (0.22 प्रतिशत) और निफ्टी इन्फ्रा (0.15 प्रतिशत) की तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुए।

इसके अलावा निफ्टी एफएमसीजी (0.74 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (0.60 प्रतिशत), निफ्टी आईटी (0.46 प्रतिशत), निफ्टी कंजप्शन (0.40 प्रतिशत) और निफ्टी हेल्थकेयर ( 0.25 प्रतिशत) की गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए।

नई दिल्ली: वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, महंगाई की चिंताओं और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में मजबूत तेजी देखने को मिली। मुद्रा और बॉन्ड बाजारों में बढ़ती अस्थिरता के चलते निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा, जिससे दोनों कीमती धातुओं को मजबूती मिली। इसके अलावा केंद्रीय बैंकों, विशेष रूप से चीन के केंद्रीय बैंक की लगातार खरीदारी और मजबूत निवेश मांग ने भी सोने की कीमतों को समर्थन दिया।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना पिछले बंद भाव 1,59,425 रुपए के मुकाबले 1,205 रुपए यानि 0.75 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,60,630 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला, जो दिन का उच्चतम स्तर रहा। वहीं दिन में एक समय इसने 1,59,601 रुपए का निचला स्तर छुआ। हालांकि कारोबार के दौरान इसमें हल्की मुनाफा वसूली भी देखने को मिली, लेकिन कीमतें मजबूती के साथ बनी रहीं।

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