ताज़ा खबरें
एसआईआर के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन आजादी की दूसरी लड़ाई: खड़गे
जेडीयू से बाहर निकाले जाने पर अनंत सिंह बोले- बनाऊंगा अपनी पार्टी
रामलीला मैदान की रैली से पहले राहुल बोले- बीजेपी का दिल से धन्यवाद
'आतंकवाद के आरोपी अमेरिकी नागरिक को इतनी छूट क्यों': कांग्रेस
'आतंकवाद के आरोपी अमेरिकी नागरिक को इतनी छूट क्यों': कांग्रेस

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने प्रमुख उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलिंडरों की संख्या साल के 12 से घटाकर चार कर दी है। यह निर्णय औसत घरेलू खपत के स्तर को देखते हुए लिया गया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रवीण माल खनूजा ने सोमवार (8 जून 2026) को इसकी जानकारी दी।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना मई 2016 में गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को जमा-मुक्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी। शुरुआत में लाभार्थियों को प्रति वर्ष 12 सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम सिलिंडर मिलते थे। पिछले साल सब्सिडी कोटा घटाकर नौ सिलिंडर कर दिया गया था, और अब इसे और कम करके चार कर दिया गया है। सरकार ने मई 2022 में 200 रुपये प्रति सिलिंडर की सब्सिडी शुरू की थी। अक्तूबर 2023 में यह सब्सिडी बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम सिलिंडर की खुदरा कीमत 942 रुपये है। सब्सिडी के बाद उज्ज्वला लाभार्थियों को अब सिलिंडर के लिए 642 रुपये चुकाने होंगे।

नई दिल्ली: घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। आज से 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है, जिसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गई है।

यह तीन महीनों में दूसरी बढ़ोतरी है, इससे पहले 7 मार्च को सिलेंडर 60 रुपये महंगा किया गया था। इसके बाद से घरेलू सिलेंडर के दाम स्थिर बने हुए थे। हालांकि अब इसमें बढ़ोतरी की गई है।

बताया जा रहा है कि ईरान संकट और वेस्ट एशिया में जारी तनाव के चलते वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल आया है, जिससे सरकारी तेल कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ा है। यह नई कीमतें पूरे देश में लागू होंगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी की कीमतें आसमान छूने से देश की तेल कंपनियां भारी आर्थिक बोझ तले दब रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, ताजा बढ़ोतरी लागू होने से पहले तक कंपनियों को हर घरेलू सिलेंडर पर लगभग 703 रुपये की चपत लग रही थी।

नई दिल्ली: जून महीने की शुरुआत के साथ ही एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। होटल, रेस्तरां, ढाबा और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को महंगाई की मार पड़ी है। तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी है। नई दरों के मुताबिक, दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर 42 रुपये महंगा होकर 3,113.50 रुपये का हो गया है। वहीं, कोलकाता में इसकी कीमत 53.50 रुपये बढ़कर 3,255.50 रुपये पहुंच गई है। नई कीमतें आज से लागू हो गई हैं।

कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में अलग-अलग शहरों में अलग-अलग बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में व्यापारिक उपभोक्ताओं को अब प्रति सिलेंडर 42 रुपये अधिक चुकाने होंगे, जबकि कोलकाता में यह बढ़ोतरी 53.50 रुपये की है। इसके साथ ही दोनों शहरों में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। ऐसे समय में यह फैसला आया है, जब कारोबारी पहले से ही ईंधन और परिवहन लागत में लगातार बढ़ोतरी का सामना कर रहे हैं।

मुंंबई: भारतीय अर्थव्यवस्था चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद मजबूत बनी हुई है और मजबूत वृहद आर्थिक आधार चालू वित्त वर्ष 2026-27 में वृद्धि को सहारा देंगे। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को अपनी वार्षिक रिपोर्ट में यह बात कही। रिपोर्ट के अनुसार, ऊंची ऊर्जा कीमतों, आपूर्ति शृंखला में बाधाओं और वैश्विक बाजारों से आने वाली चुनौतियों के बावजूद कंपनियों एवं बैंकिंग क्षेत्र के मजबूत बही-खाते तथा सरकार का पूंजीगत व्यय पर जोर भारत की मजबूत वृद्धि गति के लिए अनुकूल है।

इसमें कहा गया है कि 2026 में भू-राजनीतिक जोखिम वैश्विक वृद्धि के लिए प्रमुख बाधा बनकर उभरा है। फरवरी 2026 के अंत में पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने का असर वैश्विक वृद्धि और मुद्रास्फीति के अनुमानों में दिख रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘ मध्यम वैश्विक वृद्धि के परिदृश्य के बीच 2026-27 में भारतीय अर्थव्यवस्था का दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है। हालांकि पश्चिम एशिया में लंबा खिंचने वाला संघर्ष नकारात्मक जोखिम पैदा कर सकता है।’’

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख