ताज़ा खबरें
वक्फ विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी डीएमके: सीएम स्टालिन
'वक्फ संशोधन बिल सिर्फ साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए': सोनिया गांधी
लोकसभा से पास हुआ वक्फ बिल: पक्ष में 288, विरोध में पड़े 232 वोट

नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि सीमा के मुद्दे पर भारत एवं चीन की अवधारणा में अंतर के बावजूद दोनों देशों की सेना इतनी समझदार हैं कि वे वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनाव कम कर सकें। उन्होंने साथ ही कहा कि बुम ला दर्रा के निकट एलएसी पर कोई तनाव नहीं है। राजनाथ सिंह ने भारत-चीन सीमा पर बुम ला की अग्रिम चौकी का दौरा किया और इस दौरान उन्होंने हर तरह के हालात में बहुत परिपक्वता दिखाने के लिए भारतीय सेना को बधाई दी।

उन्होंने कहा, मुझे यहां जवानों से बात करने का मौका मिला। मुझे अपने जवानों से यह जानकर बहुत खुशी हुई कि भारत-चीन की इस सीमा पर, जो कि एलएसी है, हम बहुत समझदारी से काम कर रहे हैं और चीन की पीएलए (पीपल्स लिबरेशन आर्मी) भी समझदारी से काम कर रही है। बुम ला दर्रा के निकट इस एलएसी में यहां कोई तनाव नहीं है। रक्षा मंत्री ने परमवीर चक्र से सम्मानित सूबेदार जोगिंदर सिंह के स्मारक के भी दर्शन किए। सूबेदार जोगिंदर सिंह ने 1962 के युद्ध के समय अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय देते हुए बलिदान दिया था।

 

किसानों के खातिर आरसीईपी से अलग रहे प्रधानमंत्री

राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और खासतौर से पूर्वोत्तर राज्यों के आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए आरसीईपी से बाहर रहने का फैसला लिया। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भारत क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (आरसीईपी) में शामिल हो गया होता तो किसानों, कामगारों और उद्योगों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव होगा।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख