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अलप्पुझा (केरल): केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वी एस अच्युतानंदन का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह उनके गृहनगर अलप्पुझा लाया गया, रास्ते में प्रशंसकों की भारी भीड़ के कारण पार्थिव शरीर लाए जाने में देरी हुई।

मार्क्सवादी नेता अच्युतानंदन को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में लोग शोकसभा में शामिल होने आए और इस अप्रत्याशित भीड़ के कारण उनकी अंतिम यात्रा के कार्यक्रम में देरी हुई। अच्युतानंदन ने आठ दशक के अपने राजनीतिक जीवन में श्रमिक वर्ग के उत्थान के अथक प्रयास किए।

अच्युतानंदन के पार्थिव शरीर को ला रही बस ने मंगलवार दोपहर दो बजे तिरुवनंतपुरम से तटीय शहर के लिए अपनी यात्रा शुरू की थी। यह बस बुधवार सुबह पौने सात बजे अलप्पुझा जिले में प्रवेश कर पाई।

लगभग 150 किलोमीटर की इस यात्रा में आमतौर पर चार घंटे का समय लगता है लेकिन अपने नेता की अंतिम झलक पाने के लिए सड़क किनारे एकत्र हुई आम लोगों एवं अच्युतानंदन के प्रशंसकों की भारी भीड़ के कारण बस को पहुंचने में करीब 17 घंटे लग गए।

नई दिल्ली: यमन की जेल में मौत की सजा काट रहीं केरल की नर्स निमिषा प्रिया को फिलहाल थोड़ी राहत तो मिली है, लेकिन उनका भविष्य अभी भी अधर में लटका है। 16 जुलाई को तय फांसी को भारत सरकार, सऊदी एजेंसियों और धार्मिक नेताओं की कोशिशों से टाल तो दिया गया है , लेकिन मृतक के परिवार ने साफ कह दिया है कि इस हत्या को कभी माफ नहीं करेंगे ।फिलहाल राहत बस इतनी है कि फांसी पर रोक लगी है। लेकिन अंतिम फैसला मृतक परिवार के हाथ में है। अगर वे ब्लड मनी लेने को तैयार होते हैं तभी निमिषा की जान बच सकती है। भारत सरकार और धार्मिक संगठन पूरे दम से मध्यस्थता कर रहे हैं ।

2017 में निमिषा प्रिया पर यमन के नागरिक और उनके बिजनेस पार्टनर तलाल अब्दो मेहदी की हत्या का आरोप लगा। कोर्ट ने उन्हें 2018 में दोषी ठहराया और 2020 में मौत की सजा सुनाई, जिसे यमन की सर्वोच्च न्यायिक परिषद ने नवंबर 2023 में भी बरकरार रखा। 16 जुलाई को निमिषा को फांसी दी जानी थी, लेकिन ऐन मौके पर भारत सरकार, धार्मिक नेताओं और सऊदी अरब के प्रयासों से इसे रोक दिया गया।

तिरुवनंतपुरम: कांग्रेस सांसद शशि थरूर और उनकी पार्टी के बीच लगातार अनबन की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसे में लगातार कयास लगाए जा रहे थे कि थरूर कांग्रेस छोड़ सकते हैं। इसी बीच मंगलवार को शशि थरूर ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पर वैश्विक पहुंच के संबंध में उनका लेख प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पार्टी में शामिल होने का संकेत नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय एकता, हित और भारत के लिए खड़े होने का संदेश है।

दरअसल थरूर ने एक अंग्रेजी समाचार पत्र में लिखे एक लेख में कहा था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ऊर्जा, उनका बहुआयामी व्यक्तित्व और संवाद की तत्परता वैश्विक मंच पर भारत के लिए एक अहम पूंजी बनी हुई है, लेकिन इसे अधिक सहयोग एवं समर्थन की जरूरत है। ऐसा माना जा रहा है कि उनकी टिप्पणी से कांग्रेस पार्टी नाराज हो सकती है और पार्टी नेतृत्व के साथ उनके संबंधों में दरार पड़ सकती है।

मंगलवार को उनके उस लेख को लेकर जब सवाल पूछा गया तो कांग्रेस सांसद ने कहा, यह प्रधानमंत्री की पार्टी (भाजपा) में शामिल होने का मेरा संकेत नहीं है, जैसा कि कुछ लोग दुर्भाग्यवश कह रहे हैं।

तिरुवनंतपुरम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को केरल के विझिनजाम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह का उद्घाटन किया। उन्होंने इस दौरान विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि आज का ये इवेंट कई लोगों की नींद हराम कर देगा। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी के साथ-साथ मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन भी शामिल हुए। पीएम मोदी ने अपने भाषण के दौरान गौतम अडाणी का भी जिक्र किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ''यहां सीएम विजयन भी बैठे हैं, ये तो इंडिया गठबंधन के मजबूत स्तंभ हैं। शशि थरूर बैठे हैं। आज का ये इवेंट कई लोगों की नींद हराम कर देगा। जहां मैसेज जाना था चला गया है।'' उन्होंने कहा, ''आज भगवान आदि शंकराचार्य जी की जयंती है। तीन वर्ष पूर्व सितंबर में मुझे उनके जन्मभूमि क्षेत्रम में जाने का सौभाग्य मिला था। केरल से निकलकर देश के अलग-अलग कोनों में मठों की स्थापना करके आदि शंकराचार्य जी ने राष्ट्र की चेतना को जागृत किया। मैं उन्हें नमन करता हूं।'' प्रधानमंत्री मोदी ने बिना नाम लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तंज कसा। उन्होंने गौतम अडाणी का जिक्र करते हुए कहा, यहां गौतम अदाणी भी मौजूद थे।

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