- Details
तिरुवनंतपुरम: कांग्रेस की केरल इकाई के वरिष्ठ नेता वी डी सतीशन राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे। कांग्रेस आलकमान ने पार्टी की प्रदेश इकाई के नेताओं के साथ लंबी मंत्रणा के बाद सतीशन के नाम पर मुहर लगाई। केरल के लिए पार्टी के पर्यवेक्षकों अजय माकन और मुकुल वासनिक तथा पार्टी प्रभारी दीपा दासमुंशी ने दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में सतीशन के नाम की घोषणा की।
उन्होंने कहा, "कांग्रेस विधायक दल की सात मई, 2026 को तिरुवनंतपुरम में बैठक हुई थी और सर्वसम्मति से कांग्रेस अध्यक्ष को केरल राज्य में विधायक दल के नए नेता के चयन के लिए अधिकृत करने का प्रस्ताव पारित किया गया था। इसी के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष (सोनिया गांधी), लोकसभा में विपक्ष के नेता (राहुल गांधी), एआईसीसी पर्यवेक्षकों (माकन और वासनिक) के साथ व्यापक चर्चा की। सांसदों, पूर्व पीसीसी अध्यक्षों सहित राज्य के कई अन्य नेताओं से भी परामर्श किया गया।" उन्होंने बताया कि इन सभी चर्चाओं के आधार पर, यह निर्णय लिया गया है कि वी डी सतीशन को कांग्रेस विधायक दल का नेता नियुक्त किया जाए।"
- Details
तिरुवनंतपुरम: केरल विधानसभा चुनाव में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को मिली करारी हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और सीपीएम नेता पिनराई विजयन ने पहली बार चुनाव परिणाम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने जनता के जनादेश को विनम्रता से स्वीकार करते हुए यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) को जीत की बधाई दी और कहा कि एलडीएफ जनता का भरोसा दोबारा जीतने के लिए और अधिक मजबूती से काम करेगा। साथ ही विजयन ने कहा कि यह अंत नहीं है, बल्कि एक नई शुरुआत है।
पिनराई विजयन ने कहा कि विधानसभा चुनाव के नतीजे एलडीएफ के लिए पूरी तरह अप्रत्याशित रहे। उन्होंने कहा कि तमाम विरोधी अभियानों और हमलों के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने एलडीएफ के साथ मजबूती से खड़े रहकर समर्थन दिया, जो उनके लिए आत्मविश्वास की बात है। उन्होंने कहा कि लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की उम्मीद टूटने के बावजूद यह जनसमर्थन महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एलडीएफ के लिए यह जनादेश अंत नहीं, बल्कि निरंतर राजनीतिक कार्य का एक नया प्रारंभ है।
- Details
तिरुवनंतपुरम: भारत में वामपंथ का आखिरी किला भी ढह गया है। केरल चुनाव के अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद पिनाराई विजयन की सीपीआईएम के नेतृत्व वाली लेफ्ट गठबंधन की सरकार चुनाव हार गई है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने केरल में दस साल के बाद शानदार वापसी की है।
सीपीआईएम की अगुआई वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) को सिर्फ 37 सीटों पर जीत मिली है। जबकि कांग्रेस नीत यूडीएफ 99 सीट पर जीत के साथ सरकार बनाने के लिए अग्रसर है।
वामपंथी विचारधारा वाली आखिरी सरकार
केरल में पिनाराई विजयन सरकार भारत में वामपंथी विचारधारा वाली आखिरी सरकार थी। इससे पहले पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में लेफ्ट पार्टियों का गढ़ पहले ही ढह चुका है। पश्चिम बंगाल में साल 2011 में जमीन आंदोलन के रथ पर सवार होकर आई ममता बनर्जी की आंधी ने सीपीआईएम का सूपड़ा साफ कर दिया। इसके बाद 2018 में त्रिपुरा में लेफ्ट के 25 साल के शासन को बीजेपी ने खत्म कर दिया।
- Details
तिरुवनंतपुरम: केरल विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार को सभी 140 विधानसभा सीट पर मतदान होगा। इस चुनाव में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के बीच सीधा मुकाबला है, जहां एलडीएफ हैट्रिक लगाकर लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की उम्मीद कर रहा है, वहीं यूडीएफ सत्ता में वापसी की पुरजोर कोशिश कर रहा है। वहीं इस चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए की राज्य में अपना खाता खोलने के प्रयासों की परख होगी।
लगभग एक महीने के गहन चुनाव प्रचार के बाद इस दक्षिणी राज्य में कल एक ही चरण में विधानसभा चुनाव होंगे। मतदान सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होंगे। इस चुनाव में कुल 883 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके राजनीतिक भविष्य का फैसला राज्य के 2.71 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करके करेंगे। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, मतदाताओं में 1.32 करोड़ पुरुष, 1.39 करोड़ महिलाएं और 273 उभयलिंगी हैं। साथ ही 2.42 लाख से अधिक प्रवासी मतदाता भी हैं।
- देश
- प्रदेश
- आलेख
- रामलीला मैदान की रैली से पहले राहुल बोले- बीजेपी का दिल से धन्यवाद
- 'आतंकवाद के आरोपी अमेरिकी नागरिक को इतनी छूट क्यों': कांग्रेस
- सोनिया ने किताब की दिखाई झलक, राजीव से मुलाकात को किया याद
- नहीं साइन करूंगी पीस बॉन्ड, हाईकोर्ट से झटके के बाद बोलीं नेहा बोरा
- हाईकोर्ट ने नेहा बोरा की याचिका खारिज की, एसईएम को दिया निर्देश
- दिल्ली में एसआईआर के खिलाफ किसानों और कई संगठनों का मार्च
- 'जेल के अंदर हों या बाहर, आंदोलन रहेगा जारी': सीजेपी का एलान
- अरुणाचल बॉर्डर पर चीन से तनाव पर खड़गे ने मोदी से पूछे तीन सवाल
- अरुणाचल में भारत-चीन के बीच टकराव, डीजी आईटीबीपी का खुलासा
- छात्र नेता नेहा बोरा की याचिका पर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
- एसआईआर के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन आजादी की दूसरी लड़ाई: खड़गे
- जेडीयू से बाहर निकाले जाने पर अनंत सिंह बोले- बनाऊंगा अपनी पार्टी
- अनंत सिंह को जेडीयू ने पार्टी से निकाला, पत्नी पर भी लिया एक्शन
- जामिया में छात्रसंघ चुनाव को लेकर हंगामा, क्लासेज ऑनलाइन चलेंगी
- दिल्ली में सीएपीएफ की 273 कंपनियों की तैनाती 31 अक्टूबर तक बढ़ी
- एमसीडी में पार्षदों का बवाल, मेयर के आसन पर रखे कागज फेंके
- दिल्ली में प्रदूषण के चलते ग्रेप-1 के प्रतिबंध लागू, एक्यूआई स्तर 'खराब'
- मोदी सरकार सत्ता में बनी रही तो अराजकता फैलना तय: संजय राउत
- दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए व्यापक विंटर एक्शन प्लान तैयार
- मणिपुर में तनाव जारी: घाटी के जिलों में बंद, जनजीवन पूरी तरह ठप
- देश की अर्थव्यवस्था को सिर्फ उत्पादन नहीं, रोजगार और मांग भी चाहिए
- हंगामें में निपटा मॉनसून सत्र पीएम मोदी के खिसकते जनाधार का संकेत
- संसद का मॉनसून सत्र विपक्ष के हंगामें की भेंट चढ़ता नज़र आ रहा है
- इथेनॉल: क्या भारत सही दिशा में बढ़ रहा है या कोई गलती कर रहा है?
- यूपी में अखिलेश दोहराएंगे मुलायम सिंह का 40 साल पुराना इतिहास
- जंतर मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत मोदी सरकार के लिए सिरदर्द बनी
- यूपी विधानसभा चुनाव होगा 'लोकसभा चुनाव 2029' का सेमी फाइनल
- क्या प्रधानमंत्री तेलंगाना सुरंग हादसे की ज़िम्मेदारी लेंगे, या फिर किसी..?
- अमेरिका में रह रहे अवैध भारतीय प्रवासियों से जुड़े यक्ष प्रश्न
- दिल्ली यानि "मिनी इंडिया" का चुनाव बना 'पीएम मोदी बनाम केजरीवाल'






