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चेन्नई: तमिलनाडु के सांसदों ने शनिवार को केंद्र के परिसीमन बिल का सर्वसम्मति से विरोध करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने तमिलनाडु पर इसके संभावित असर पर चर्चा करने के लिए एक बैठक बुलाई थी। जिसमें टीवीके के अलावा कांग्रेस, एमडीएमके और अन्य दलों के नेता शामिल हुए।

बैठक से डीएमके ने बनाई दूरी, सीएम ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया

हालांकि, मुख्य विपक्षी पार्टी डीएमके ने इस बैठक से दूरी बनाए रखी। इस पर मुख्यमंत्री ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस पार्टी ने तमिलनाडु की राजनीति में 60 वर्षों तक राज किया हो और जिसके शुरुआती सदस्यों ने राज्य के अधिकारों के लिए बलिदान दिया हो, उसने बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया।

वहीं, सर्वदलीय बैठक में कई नेताओं ने खुलकर अपनी बात रखी। कांग्रेस के चार सांसदों को भी बैठक में बोलने का मौका मिला। बैठक में यह सुझाव दिया गया कि तमिलनाडु विधानसभा को परिसीमन के मुद्दे पर एक प्रस्ताव पारित करना चाहिए।

चेन्नई: तमिलनाडु के सांसदों ने शनिवार को केंद्र के परिसीमन बिल का सर्वसम्मति से विरोध करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने तमिलनाडु पर इसके संभावित असर पर चर्चा करने के लिए एक बैठक बुलाई थी। जिसमें टीवीके के अलावा कांग्रेस, एमडीएमके और अन्य दलों के नेता शामिल हुए।

बैठक से डीएमके ने बनाई दूरी, सीएम ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया

हालांकि, मुख्य विपक्षी पार्टी डीएमके ने इस बैठक से दूरी बनाए रखी। इस पर मुख्यमंत्री ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस पार्टी ने तमिलनाडु की राजनीति में 60 वर्षों तक राज किया हो और जिसके शुरुआती सदस्यों ने राज्य के अधिकारों के लिए इतना बलिदान दिया हो, उसने इस बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया।

वहीं, सर्वदलीय बैठक में कई नेताओं ने खुलकर अपनी बात रखी। कांग्रेस के चार सांसदों को भी बैठक में बोलने का मौका मिला।

चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को कहा कि कावेरी जल विवाद को लेकर पड़ोसी राज्य कर्नाटक के साथ बातचीत का प्रस्ताव उन्होंने ही दिया था। उन्होंने कहा कि सकारात्मक नतीजे की उम्मीद को देखते हुए उन्होंने यह पहल की थी। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि वह कावेरी मुद्दे पर ओछी राजनीति में नहीं पड़ना चाहते।

सरकार कावेरी मुद्दे पर कानूनी रूप से निपटने के लिए दृढ़ है: सीएम विजय

कावेरी मुद्दा उठाने वाले विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन को जवाब देते हुए विजय ने 1969 के बाद से तमिलनाडु द्वारा इस मुद्दे को निपटाने के तरीकों को रेखांकित किया जिसमें बातचीत पर विचार करने से लेकर कानूनी रास्ता अपनाने तक के कदम शामिल हैं। इस पृष्ठभूमि पर उन्होंने कहा कि उनकी सरकार कावेरी मुद्दे पर कानूनी रूप से निपटने के लिए दृढ़ है।

हालांकि, मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उन्होंने कावेरी मुद्दे पर बेंगलुरु जाने का विचार किया था ताकि कोई सकारात्मक परिणाम निकल सके।

चेन्नई: तमिलनाडु के वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने बुधवार को टीवीके सरकार का पहला बजट पेश किया। इसमें राजस्व जुटाने, शिक्षा के बुनियादी ढांचे और लंबे समय की आर्थिक वृद्धि पर केंद्रित एक वित्तीय रोडमैप की रूपरेखा तैयार की गई। साथ ही, 2036 तक राज्य को 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य भी रखा गया।

बजट की सबसे चर्चित घोषणा ‘अन्नन सीर थिट्टम' के तहत पात्र दुल्हनों को 8 ग्राम सोने का सिक्का और रेशमी साड़ी देने की रही, जिसके लिए 812 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा लैपटॉप वितरण, एआई प्रशिक्षण, नए आईटीआई, छात्रावास निर्माण, हज सब्सिडी में वृद्धि और ओलंपिक उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना जैसी कई योजनाओं का भी ऐलान किया गया।

विधानसभा में 2026-27 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने कहा कि सरकार को अलग-अलग उपायों से अतिरिक्त 16,000 करोड़ रुपए जुटाने की उम्मीद है। इसमें से 15,000 करोड़ रुपए राजस्व बढ़ाने वाली पहलों से आने का अनुमान है, जबकि 1,000 करोड़ रुपए शराब उत्पादन पर सेस (उपकर) से मिलने की उम्मीद है।

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