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पुडुचेरी: भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की पूर्व अधिकारी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता किरण बेदी ने आज (रविवार) शाम केन्द्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के 22वें उपराज्यपाल के रूप में पद की शपथ ली। किरण बेदी के शपथ लेने के साथ ही कांग्रेस ने भी घोषणा की कि कल वह उनके समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। सख्त पुलिस अधिकारी के रूप में चर्चित किरण बेदी की नियुक्ति पुडुचेरी में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन की जीत के बाद की गई है। कांग्रेस को पुडुचेरी की 30 सदस्यीय विधानसभा में 15 सीटें मिली हैं। मद्रास उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति एच जी रमेश ने राजनिवास में आयोजित एक समारोह में किरण बेदी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी। शपथग्रहण से पहले मुख्य सचिव मनोज पारिदा ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा जारी किरण बेदी के नियुक्ति पत्र को पढ़ा। इस अवसर पर भावी मुख्यमंत्री वी नारायणसामी, पूर्व मुख्यमंत्री एन रंगासामी, कांग्रेस विधायक, नेता एवं वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

पुडुचेरी: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री वी नारायणसामी को सर्वसम्मति से आज (शनिवार) विधायक दल का नेता चुन लिया गया और अब उनका पुडुचेरी का 10वां मुख्यमंत्री बनना तय है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता एवं दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित एवं कांग्रेस महासचिव मुकुल वासनिक को पार्टी आलाकमान ने इस संबंध में मशविरा करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्होंने बैठक के बाद बताया कि नारायणसामी का चयन सर्वसम्मति से किया गया। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी निर्वाचित विधायक इस पर सहमत हुए कि नारायणसामी को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए और उन्हें कांग्रेस विधायक दल का नेता चुन लिया गया। दीक्षित ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ए नमशिवायम ने नारायणसामी के नाम का प्रस्ताव किया और पूर्व मुख्यमंत्री वी वैद्यलिंगम ने उसका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि नारायणसामी के नाम को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी मंजूरी दी थी। उन्होंने कहा, सब कुछ अच्छे से सम्पन्न हो गया। दीक्षित ने कहा कि सोनिया गांधी ने नारायणसामी को फोन पर बधाई दी। नारायणसामी केंद्र में संप्रग की दूसरी सरकार में प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री थे। वह संप्रग की पहली सरकार में संसदीय मामलों के राज्य मंत्री थे।

नई दिल्ली: पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी को आज (रविवार) पुड्डुचेरी का नया उप-राज्यपाल बनाया गया है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने किरण बेदी को पुड्डुचेरी का उप-राज्यपाल नियुक्त किया है। अभी इस पद का अतिरिक्त प्रभार अंडमान निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल देख रहे हैं। ष्ट्रपति भवन की एक विज्ञप्ति के अनुसार, ‘श्रीमती किरण बेदी को उनके पदभार संभालने की तारीख के प्रभाव से पुडुचेरी का राज्यपाल नियुक्त करते हुए राष्ट्रपति प्रसन्नता महसूस करते हैं।’ देश की पहली महिला आईपीएस अधिकारी और 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में भाजपा के अभियान की कमान संभालने वाली 66 साल की किरण ने कहा, ‘मैं इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए अपना शत प्रतिशत दूंगी। मैं देश के फायदे के लिए काम करंगी। मैं हर दिन अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगी। मैं सरकार के फैसले के प्रति आभारी हूं। उन्होंने मुझ पर भरोसा किया।’ तीन दिन पहले ही 30 सदस्यीय पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के नतीजों में कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन ने 17 सीटें हासिल की हैं। अन्नाद्रमुक ने अपने दम पर चुनाव लड़ा था और चार सीटें जीतीं वहीं भाजपा को एक भी सीट नहीं मिल सकी। नरेंद्र मोदी सरकार ने गत 12 जुलाई को संप्रग सरकार द्वारा उपराज्यपाल बनाये गये वीरेंद्र कटारिया को नियुक्ति के महज एक साल बाद ही हटा दिया था जिसके बाद से यह पद खाली पड़ा था।

पुडुचेरी: पुडुचेरी में सत्तारूढ़ एआईएनआरसी को पीछे छोड़ते हुए कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन ने आज (गुरूवार) बहुमत हासिल कर लिया। रंगासामी ने यहां राज निवास पर उप राज्यपाल एके सिंह को अपना इस्तीफा सौंपा। चुनाव आयोग के अनुसार इस केंद्र शासित प्रदेश की 30 सीटों में से कांग्रेस को 15 और उसकी सहयोगी द्रमुक को दो सीटे मिली हैं। मुख्यमंत्री एन रंगासामी के लिए यह बड़ा झटका है जो चौथी बार मुख्यमंत्री बनने की कोशिश कर रहे थे। उनकी पार्टी एआईएनआरसी को महज आठ सीटें मिली हैं। शुरू में सत्तारूढ़ एआईएनआरसी और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर चल रही थी, लेकिन बाद में इस गठबंधन ने रंगासामी की पार्टी पर बढ़त बना ली।अकेले चुनाव लड़ने वाली अन्नाद्रमुक को चार सीटें मिली हैं। मुख्यमंत्री एन रंगासामी ने इंदिरानगर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के उम्मीदवार वी अरूमगम को 3,404 मतों के अंतर से पराजित किया। रंगासामी ने साल 2011 में कांग्रेस से अलग होकर आईएनआरसी का गठन किया था। एआईएनआरसी, भाजपा और अन्नाद्रमुक ने अकेले चुनाव लड़ा जबकि कांग्रेस और द्रमुक ने गठबंधन किया था। कांग्रेस ने 21 और द्रमुक ने शेष सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।

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