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कांगड़ा: भाजपा अध्यक्ष अमित शाह मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा पहुंचे। यहां उन्होंने एक चुनावी रैली को संबोधित किया और कांग्रेस पर जमकर हमला किया। शाह ने कहा कि सरदार पटेल को सबसे पहले भारत रत्न मिलना चाहिए था।

वीरभद्र पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश माफियाओं का गढ़ बना हुआ है, सीएम बताएं कि शिमला की गुड़िया (कोटखाई रेप और हत्या मामला )के साथ जो हुआ उसका जिम्मेदार कौन है ?

आगे शाह ने कहा कि वीरभद्र सरकार ने हिमाचल को केवल भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार देने का काम किया है। कांग्रेस देश में भ्रष्टाचार का पर्याय बनकर रह गयी है, लेकिन तीन साल में हम पर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा है, कांग्रेस के हाथ खाली हैं।

वहीं कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि राहुल बाबा मोदी जी से पूछते हैं कि आपने 3 साल में क्या किया।

नई दिल्ली: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने ऐलान किया है कि हिमाचल प्रदेश में प्रदेश अध्यक्ष प्रेम कुमार धूमल ही मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। धूमल हिमाचल के दो बार सीएम रह चुके हैं।

आपको बता दें कि हिमाचल में 9 नवंबर को चुनाव होना है। प्रेम कुमार धूमल ने विधानसभा चुनावों में अपनी पारपंरिक सीट छोड़कर दूसरी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया है। धूमल सुजानपुर से चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं। हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र की सुजानपुर विधानसभा सीट 2008 में हुए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई है।

2012 विधानसभा चुनाव में इस क्षेत्र के अंदर 65,006 मतदाता थे। अस्तित्व में आने के बाद इस सीट पर राज्य की दोनों बड़ी पार्टियां कब्जा जमाने में नाकाम रही थी।

इस सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार राजिंदर सिंह ने 14,166 मतों से जीत हासिल कर दोनों खेमों में खलबली मचा दी थी, लेकिन इस बार भाजपा के दिग्गज नेता और दो बार के मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने सुजानपुर विधानसभा से नामांकन दाखिल कर कांग्रेस और मौजूदा विधायक की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

नई दिल्ली: टिकट न मिलने से बगावत कर चुनाव लड़ने वाले नेताओं को कांग्रेस ने पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। खबर है कि कांग्रेस ने इन नेताओं को चुनाव से हटने के लिए दो दिन का समय दिया था लेकिन सभी ने चुनाव से हटने से इंकार कर दिया जिसने बाद कांग्रेस ने चुनाव से पहले बड़ी कार्रवाई करते हुए सात नेताओं को पार्टी से निष्काषित कर दिया।

हिमाचल कांग्रेस प्रभारी सुशील कुमार शिंदे के निर्देशों पर हिमाचल कांग्रेस ने इन नेताओं पर कार्रवाई की है। हिमाचल प्रदेश विधान सभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशियों के खिलाफ आजाद उम्मीदवार के तौर पर लड़ रहे प्रत्याशियों को पार्टी से 6 साल के लिए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। उनकी सदस्यता को 6 साल के लिए रद्द किया गया है।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के दिग्गज नेता इन बागियों को चुनावी मैदान से हटाना चाहते थे जिसके लिए उनपर दवाब बनाया जा रहा था। लेकिन इन सात नेताओं ने मैदान से हटने से इंकार कर दिया।

शिमला: विधानसभा चुनाव में नामांकन वापस लेने के अंतिम दिन शिमला जिले से सात उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस लिए। चोपाल विधानसभा में दो उम्मीदवारों, धीरेन्द्र सिंह चौहान और उदय सिंह ने अपना नामांकन वापस लिया है जबकि कसुम्पटी से पृथ्वी विक्रम सैन ने अपना नाम वापिस लिया है।

उधर शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से भी दो नामांकन वापस लिए गए है। खेम राज और देवन्द्र ने अपने नामांकन वापस लिए है। जुब्बल कोटखाई से रोशन लाल ने भी अपना नाम वापिस लिया है।

शिमला जिला में नाम वापिस लेने के बाद अब चोपाल विधान सभा क्षेत्र में में चार उम्मीदवार, ठियोग में पांच, कसुम्पटी में सात उम्मीदवार, शिमला शहर में 6 उम्मीदवार शिमला ग्रामीण में चार और जुब्बल कोटखाई में तीन, रामपुर में 5, और रोहडू में चार उम्मीदवार चुनावी मैदान में है।

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