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नई दिल्ली: किसानों के मुद्दे पर विवादों में घिरीं अभिनेत्री एवं भाजपा सांसद कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी के रिलीज का रास्ता साफ हो गया है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट को जानकारी दी है कि वह फिल्म ‘इमरजेंसी’ को प्रमाण पत्र जारी करने को तैयार है। मगर फिल्म के कुछ हिस्सों में काट छांट करनी होगी।

पहले यह फिल्म छह सितंबर को रिलीज होनी थी। मगर प्रमाणपत्र नहीं मिलने की वजह से फिल्म की रिलीज डेट को टालना पड़ा था। बता दें कि मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत की यह फिल्म 1975 में देश में लगे आपातकाल पर आधारित है। फिल्म में कंगना रनौत पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की भूमिका में हैं।

पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने फिल्म के प्रमाणपत्र जारी करने पर फैसला नहीं लेने पर सेंसर बोर्ड को फटकार लगाई थी। गुरुवार को सुनवाई के दौरान सेंसर बोर्ड के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि बोर्ड की संशोधन समिति ने फिल्म को रिलीज करने से पहले कुछ हिस्सों में कट लगाने का सुझाव दिया है।

मुंबई: कंगना रनौत की फिल्म 'इमरजेंसी' बुरी तरह से विवादों में घिर गई है। अब फिल्म छह सितंबर को रिलीज नहीं होगी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने सेंसर बोर्ड को तुरंत प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश देने से इंकार कर दिया। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि अगर ऐसा किया तो यह मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश का खंडन होगा। बता दें कि अभी तक कंगना रनौत की फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट नहीं मिला है।

सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि वह सीबीएफसी को प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश नहीं दे सकता, क्योंकि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पहले ही सेंसर बोर्ड को जबलपुर सिख संगत द्वारा दर्ज कराई गई आपत्तियों पर निर्णय लेने का आदेश दिया है। सिख संगत ने फिल्म और इसके ट्रेलर पर आपत्ति जताई है। हाईकोर्ट ने सीबीएफसी को आदेश दिया है कि वह जबलपुर सिख संगत या किसी अन्य द्वारा की गई आपत्तियों पर 18 सितंबर तक निर्णय ले।

बता दें कि कंगना रनौत की फिल्म को सीबीएफसी ने प्रमाणपत्र जारी नहीं किया था। इसके बाद जी इंटरटेनमेंट इंटरप्राइजेज ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

नई दिल्ली: नेफ्लिक्स की वेब सीरीज 'आईसी 814: द कंधार हाईजैक' पर फैक्ट्स के साथ छेड़छाड़ करने और पब्लिक की फीलिंग्स को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया था। जिसके बाद भारत सरकार ने नेटफ्लिक्स इंडिया के कंटेंट हेड को तलब किया था। ऐसे में नेटफ्लिक्स ने फैसला लिया है कि वे 'आईसी 814: द कंधार हाईजैक' में हाईजैकर्स के नाम और कोड बदलेगा।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नेटफ्लिक्स की कंटेंट हेड मोनिका शेरगिल ने कहा, '1999 में इंडियन एयरलाइंस फ्लाइट 814 के अपहरण से अनजान दर्शकों के फायदे के लिए, ओपनिंग डिस्क्लेमर को हाइजैकर्स के असल नाम और कोड नेम्स को शामिल करने के लिए अपडेट किया गया है।'

नेटफ्लिक्स की कंटेंट हेड ने ये भी कहा, 'सीरीज में कोड नाम असल घटना के दौरान इस्तेमाल किए गए नामों को दिखाते हैं। भारत में कहानी कहने की एक समृद्ध संस्कृति है और हम इन कहानियों और उनके ऑथेंटिक रिप्रेजेंटेशन को शोकेस करने के लिए कमिटेड हैं।'

नई दिल्ली: सरकार ने ओटीटी प्लेटफॉर्म 'नेटफ्लिक्स' के कंटेंट हेड को तलब किया है। उन्हें 'आईसी-814-द कंधार हाईजैक' सीरीज को लेकर जारी विवाद को लेकर समन किया गया है। सीरीज में आतंकियों के किरदारों के नाम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने मंगलवार को नेटफ्लिक्स इंडिया के कंटेंट हेड को तलब किया है। उनसे ओटीटी सीरीज के कथित विवादास्पद पहलुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

दरअसल, विमान हाईजैक को छह आतंकियों ने हाईजैक किया था। सभी आतंकी मुस्लिम थे। उनके नाम इब्राहिम अख्तर, शाहिद अख्तर, सन्नी, अहमद काजी, जहूर मिस्त्री और शाकिर थे, इस ओटीटी सीरीज में इन आतंकयों के नाम बदल दिए गए हैं। इसी पर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स फिल्म को बायकॉट करने की मांग भी कर रहे हैं।

दरअसल, काठमांडू से दिल्ली जा रहे इंडियन एयरलाइंस के विमान के हाईजैकर्स के किरदारों के परिवर्तित नाम को लेकर विवाद खड़ा किया है। दर्शकों के बहुत बड़े वर्ग ने आतंकियों के 'मानवीय' चित्रण पर आपत्ति जताई है।

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