अहमदाबाद: गुजरात में नव गठित भूपेंद्र पटेल मंत्रिपरिषद का आज विस्तार हुआ। गांधीनगर स्थित राजभवन में राज्यपाल आचार्य देवब्रत ने सभी नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलवाई। शपथ लेने वालों में सबसे पहला नाम विधान सभा अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले राजेंद्र त्रिवेदी का है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की टीम में उनकी पोजीशन नंबर दो होगी। उनकी जगह अब निमा आचार्य विधान सभा की नई स्पीकर होंगीं।
शपथ समारोह में पांच विधायकों ने एकसाथ मंत्री पद की शपथ ली है। कुल 24 लोगों को मंत्री बनाया गया है और सभी चेहरे नए हैं। विजय रूपाणी सरकार के सभी मंत्रियों की छुट्टी कर दी गई है। नई मंत्रिपरिषद में 10 कैबिनेट और 14 राज्यमंत्री बनाए गए हैं। मंत्रिपरिषद के गठन पर आगामी विधान सभा चुनावों की छाप स्पष्ट तौर पर देखी जी सकती है। जातीय समीकरण को साधते हुए भाजपा ने सबसे ज्यादा आठ मंत्री पटेल समुदाय से बनाया है। इसके बाद 6 मंत्री ओबीसी समुदाय से बनाए गए हैं। इनके अलावा दो क्षत्रीय, दो अनुसूचित जाति, तीन अनुसूचित जनजाति और एक मंत्री जैन समुदाय से बनाए गया हैं।
क्षेत्रीय संतुलन का भी ध्यान मंत्रिपरिषद गठन में रखा गया है ताकि पूरे प्रदेश का प्रतिनिधित्व सरकार में हो सके। इसके तहत सबसे ज्यादा सौराष्ट्र से 8, दक्षिण गुजरात से 7, मध्य गुजरात से 6 और उत्तरी गुजरात से 3 मंत्री बनाए गए हैं।
गुजरात की नई मंत्रिपरिषद में राजेंद्र त्रिवेदी, जितेंद्र वघानी, ऋषिकेश पटेल, पूर्णश मोदी, राघव पटेल, उदय सिंह चव्हाण, मोहनलाल देसाई, किरीट राणा, गणेश पटेल और प्रदीप परमार को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है, जबकि हर्ष सांघवी, जगदीश ईश्वर, बृजेश मेरजा, जीतू चौधरी, मनीषा वकील, मुकेश पटेल, निमिषा बेन, अरविंद रैयाणी, कुबेर ढिंडोर, कीर्ति वाघेला, गजेंद्र सिंह परमार, राघव मकवाणा, विनोद मरोडिया और देवा भाई मालव राज्यमंत्री बनाए गए हैं।
कैबिनेट का शपथ ग्रहण समारोह बुधवार को आयोजित होना था, लेकिन सारी व्यवस्था होने के बावजूद इसे अंतिम समय में गुरुवार के लिए टाल दिया गया था। सूत्रों के अनुसार, नई कैबिनेट के मंत्रियों के नामों को लेकर मतभेद, बुधवार को कैबिनेट के शपथ ग्रहण समारोह को टाले जाने का कारण था।
यह शपथ ग्रहण समारोह ऐसे वक्त में हो रहा, जब राज्य में विधानसभा चुनावों के लिए करीब एक साल ही रह गया है। पहली बार विधायक चुने गए, पटेल (59) ने पिछले शनिवार को विजय रूपाणी के अचानक इस्तीफा दे देने के बाद सोमवार को गुजरात के नये मुख्यमंत्री का प्रभार संभाला है।
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा नेतृत्व ने इस बार नये चेहरों को शामिल करने और पुराने लगभग सभी मंत्रियों, यहां तक कि उन वरिष्ठ नेताओं को भी हटाने का फैसला किया है जो पूर्ववर्ती रूपाणी सरकार का हिस्सा थे। कई लोगों का मानना है कि पुराने चेहरों को जगह न दिया जाने का यह फार्मूला 2022 विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रस्तावित किया गया है क्योंकि दो दशक से ज्यादा वक्त से गुजरात में सत्ता में रही भाजपा साफ-सुथरी छवि के साथ मतदाताओं के बीच जाना चाहती है।