नई दिल्ली: शिवसेना के सिंबल को लेकर दाखिल उद्धव गुट की याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने 31 जुलाई को सुनवाई का भरोसा दिया है। दरअसल, उद्धव गुट ने चुनाव आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट मे चुनौती दी है। चुनाव आयोग ने धनुष बाण चुनाव चिह्न और पार्टी पर शिंदे गुट को अधिकार दिया था, जिसे ठाकरे ग्रुप ने चुनौती दी है।
15 मार्च को शिवसेना चुनाव चिह्न मामले में चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया था। चुनाव चिह्न ने एकनाथ शिंदे गुट को चुनाव चिह्न देने के फैसले को कानून के मुताबिक बताया था। चुनाव आयोग ने कहा था कि एकनाथ शिंदे को चुनाव चिह्न देने का फैसला सही और कारणों सहित दिया गया है। निष्पक्षता ना बरतने के उद्धव ठाकरे के आरोप बेबुनियाद हैं। ये फैसला आयोग ने संवैधानिक स्तर पर किया है ना कि प्रशासनिक स्तर पर। फैसला नियमों के तहत अर्ध- न्यायिक संस्था के तौर पर लिया गया गया है। इसलिए इस मामले में चुनाव आयोग को पक्षकार नहीं बनाया जा सकता।
लिहाजा उसे केस की मेरिट पर कुछ नहीं कहना है।