ताज़ा खबरें
'वक्फ संशोधन बिल सिर्फ साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए': सोनिया गांधी
लोकसभा से पास हुआ वक्फ बिल: पक्ष में 288, विरोध में पड़े 232 वोट
ईडी की रेड पर बघेल बोले- यह कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध के तहत
2013 के संशोधन के चलते लाना पड़ा वक्फ संशोधन बिल: अमित शाह
वक्फ​ बिल बीजेपी की नफरत की राजनीति का नया अध्याय है: अखिलेश
'कल दूसरे समुदायों की जमीन पर भी होगी इनकी नजर': गौरव गोगोई
वक्फ​ बिल में धार्मिक कार्यकलाप में हस्तक्षेप का कोई प्रावधान नहीं:रिजिजू

भुवनेश्वर: पश्चिम बंगाल की सीएम और पूर्व रेल मंत्री ममता बनर्जी मंगलवार (6 जून) को कटक के अस्पताल में ओडिशा रेल हादसे के घायलों में मिलने पहुंची हैं। इस भीषण रेल दुर्घटना में अब तक 278 लोगों की जान जा चुकी है और सैकड़ों लोग घायल हैं। जिनका इलाज चल रहा है। घायलों से मिलने पहुंचीं ममता बनर्जी ने कहा कि अभी विवाद करने का समय नहीं है। हम चाहते हैं कि जल्द से जल्द सच सामने आना चाहिए।

भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर उतरने के बाद ममता बनर्जी यहां से हेलीकॉप्टर के जरिए कटक रवाना हुईं। कटक में वह श्रीरामचंद्र भंज मेडिकल अस्पताल में भर्ती पश्चिम बंगाल के घायल यात्रियों से मुलाकात की और उन्हें किस प्रकार इलाज मिल रहा है इसका जायजा लिया।

उन्होंने आगे कहा कि ओडिशा और पश्चिम बंगाल सरकार मिलकर काम कर रही हैं। वे नि:शुल्क इलाज करा रही हैं। मैंने 100 एम्बुलेंस और 40 अफसरों को यहां भेजा है। पश्चिम बंगाल के 103 शवों की पहचान कर ली गई है और 97 लोगों का इलाज चल रहा है। 31 अभी लापता हैं। जिनका हाथ पैर कटा है हम उनको नौकरी देंगे।

उन्होंने कहा, साथ ही मृतकों के परिजनों को भी नौकरी दी जाएगी। सीबीआई पर जांच पर कुछ नहीं कहना है। इतने लोग मारे गए हैं, सच्चाई सामने आनी चाहिए। अभी परिवारों को मदद करने का वक्त है।

ओडिशा में हुआ भयावह रेल हादसा

गौरतलब है कि ओडिशा में हुए रेल हादसे में 275 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों की संख्‍या में लोग घायल हुए हैं। इस दुर्घटना में तीन ट्रेनें शामिल थीं। एक मालगाड़ी, जो कि लूप लाइन में खड़ी थी और दो सुपर फास्ट एक्सप्रेस ट्रेनें- शालीमार-चेन्नई कोरोमंडल सुपर फास्ट एक्सप्रेस और सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल-हावड़ा सुपर फास्ट एक्सप्रेस, जिनके कुल 17 डिब्‍बे पटरी से उतर गईं।

यह हादसा बीते शुक्रवार यानि कि 2 जून को ओडिशा के बालासोर के पास बाहानगा स्‍टेशन के पास हुआ। इस दौरान सबसे पहले कोरोमंंडल मालगाड़ी से जा टकराई, जिससे ट्रेन के 12 डिब्‍बे पटरी से उतर गए और कुछ बगल के ट्रैक पर चले गए, जिस पर बेंगलुरु से चली यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस गुजर रही थी। इन डिब्‍बों से यह ट्रेन जा टकराई और भीषण हादसा हो गया।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख