पणजी: गोवा में कांग्रेस विधायकों के भाजपा में शामिल होने के रुख पर चर्चा के बीच नेता प्रतिपक्ष माइकल लोबो पर बड़ी कार्रवाई की गई है। उन्हें तत्काल प्रभाव से नेता प्रतिपक्ष के पद से हटा दिया गया। गोवा में एआईसीसी प्रभारी दिनेश गुंडू राव ने कहा, गोवा में पार्टी को कमजोर करने के लिए भाजपा के साथ मिलकर हमारे ही कुछ नेताओं ने साजिश की थी। वे विधायकों को तोड़ना चाहते थे। इसमें हमारे नेता प्रतिपक्ष माइकल लोबो और दिगंबर कामत शामिल थे। बता दें कि दिगंबर कामत पूर्व मुख्यमंत्री और सीनियर कांग्रेस नेता हैं।
गोवा के मर्गओ होटल में कांग्रेस के सात विधायकों की बैठक के बाद यह राजनीतिक हलचल शुरू हुई है। कांग्रेस विधायक एलेक्सो सिक्वेरा ने कहा था कि इस बैठक के लिए आला कमान ने नहीं बुलाया था बल्कि यह शिष्टाचार भेंट थी। हालांकि बाद में कांग्रेस के ही सूत्रों ने बाताया कि भाजपा 8 विधायकों को तोड़ना चाहती थी लेकिन केवल 6 ही इस बात पर सहमत हुए हैं। प्रयास जारी है और तीन और विधायक इस पंक्ति में जुड़ सकते हैं। बता दें कि गोवा में कांग्रेस के कुल 11 ही विधायक हैं।
अगर इनमें से 9 भाजपा में चले जाते हैं तो केवल दो विधायक कांग्रेस के पास रह जाएंगे। वहीं जिन माइकल लोबो पर साजिश का आरोप लगाया गया है और उन्हें नेता प्रतिपक्ष पद से हटाया गया है उन्होंने ने ही चुनाव के बाद कहा था कि जल्द ही गोवा में कांग्रेस सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा था कि 10 महीने में बदलाव देखने को मिल जाएगा।
पांच विधायक बदल सकते हैं पाला
गोवा में विधानसभा का मॉनसून सत्र शुरू होने वाला है और इससे पहले सियासी घमासान छिड़ गया है। बता दें कि तीन साल पहले भी कुछ ऐसी ही घटना हो चुकी है। कांग्रेस के 10 विधायकों ने पाला बदल लिया था और वे भाजपा में शामिल हो गए थे। ऐसे में इस बार सावधानी बरती गई और राहुल गांधी के सामने प्रत्याशियों ने जीत के बाद पाला न बदलने की शपथ ली थी। हालांकि इसका कोई खास मतलब निकलता नजर नहीं आ रहा है।
जानकारों का कहना है कि जो विधायक पाला बदल सकते हैं उनमें पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत, मौजूदा विपक्ष के नेता माकल लोबो, उनकी पत्नी देलिला लोबो, केदार नाइक और राजेश फलदेसाई शामिल हैं।