पणजी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गोवा की आजादी संबंधी पंडित जवाहर लाल नेहरू पर केंद्रित बयान को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पलटवार किया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि यदि पंडित जवाहर लाल नेहरू चाहते तो 1947 में जब भारत ने आजादी हासिल की थी तो गोवा कुछ ही घंटों में आजाद हो सकता था। लेकिन इस राज्य को पुर्तगाली राज से आजाद होने में 15 वर्ष लग गए। इस बयान का जवाब देते हुए राहुल ने आरोप लगाया कि ऐसी बातें करके प्रधानमंत्री, पर्यावरण और रोजगार जैसे अहम मुद्दों से गोवा के लोगों का ध्यान भटका रहे हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि पीएम को उस समय की स्थिति और वर्ल्डवार-2 के बाद क्या हो रहा था, इस बारे में जानकारी नहीं है।
मडगांव में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा, 'पीएम उस समय के इतिहास को नहीं जानते। वे इस बात को नहीं समझ पा रहे कि उस समय द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद क्या चल रहा था। वे पर्यावरण और रोजगार जैसे मूल मसलों से लोगों को ध्यान भटकाने के लिए गोवा आते हैं।'
इस दौरान राहुल ने 'हिजाब' विवाद पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। राहुल ने कहा कि मेरा मिशन इस बात पर ध्यान केंद्रित करना है कि गोवा के लोगों के लिए क्या महत्वपूर्ण है। गोवा के एक दिन के दौरे पर आए राहुल ने दावा किया कि गोवा में कांग्रेस बड़ी संख्या में सीटों पर जीत हासिल करेगी और चुनाव बाद किसी गठजोड़ की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस पार्टी को बहुमत हासिल होगा।'
गौरतलब है कि 14 फरवरी को गोवा राज्य में होने वाले चुनाव से पहले मापुसा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा था कि कांग्रेस गोवा को 'दुश्मन' की तरह मानती रही है और यही व्यवहार अब भी जारी है जिसे पार्टी की ओर से राज्य पर थोपी गई राजनीतिक अस्थिरता की स्थिति से देखा जा सकता है। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस ने कभी गोवा की राजनीतिक संस्कृति और यहां के युवाओं की आकांक्षाओं को नहीं समझा, उनके मन में हमेशा गोवा को लेकर शत्रुता की भावना रही। पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे कई ऐतिहासिक तथ्य हैं जिन्हें लोगों से छिपाकर रखा जाता है। उन्होंने कहा, 'तीन दिन पहले मैंने संसद में यह बात कही थी और देशा को यह सच्चाई बताई थी कैसे कांग्रेस ने गोवा के मुक्ति आंदोलन को तबाह कर दिया।' उन्होंने कहा, 'बहुत से लोग नहीं जाते कि गोवा, भारत देश की आजादी के 15 साल बाद आजाद हुआ था। भारत के पास सेना के रूप में ताकत थी, एक मजबूत नौसेना थी और यह काम (गोवाकी आजादी का) कुछ ही घंटों में किया जा सता था लेकिन कांग्रेस ने 15 साल तक कुछ नहीं किया।'