पणजी: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस बहु-सांस्कृतिक और बहु-धार्मिक राज्य का समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ही गोवा में भाजपा शासन का एकमात्र विकल्प है। उन्होंने तटीय राज्य में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, टीएमसी का मतलब "मंदिर, मस्जिद और चर्च" है। बनर्जी का यह बयान तब आया है जब पीएम मोदी काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का उद्घाटन करने वाराणसी में थे।
एक समाचार एजेंसी ने उन्हें पणजी में यह कहते हुए उद्धृत किया, "हम भाजपा से लड़ रहे है. क्या जीतने का कोई मौका है? क्या आपको विश्वास है कि हम जीत सकते हैं? यदि आप आश्वस्त हैं, तो पीछे मत हटिए। आगे बढ़िए।" गोवा के तीन दिवसीय दौरे पर बनर्जी ने कहा, "हम यहां वोट-विभाजन के लिए नहीं बल्कि वोटों को एकजुट करने और टीएमसी गठबंधन को जीत दिलाने के लिए हैं। यह भाजपा का विकल्प है। अगर कोई इसका समर्थन करना चाहता है, तो इसका निर्णय उन्हें करना है, हम पहले ही फैसला कर चुके हैं। हम लड़ेंगे और मरेंगे लेकिन पीछे नहीं हटेंगे।”
बता दें कि गोवा एक हिंदू-बहुल राज्य है, जहां ईसाइयों का एक बड़ा हिस्सा है- जो अपने पुर्तगाली अतीत की विरासत संभाले है। राज्य में मुसलमानों की भी अच्छी तादाद है। राज्य में लंबे समय से कांग्रेस का शासन रहा है लेकिन भाजपा लगभग एक दशक से वहां सत्ता में है।
तृणमूल, जो 2022 में होने वाले विधान सभा चुनावों के लिए अपने जनाधार का विस्तार कर रही है - पहले ही कांग्रेस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। बनर्जी ने इशारा किया कि सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद पिछले चुनाव में कांग्रेस ने व्यावहारिक रूप से भाजपा को वाक-ओवर दिया है।
बनर्जी ने सुधीन धवलीकर के नेतृत्व वाली महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के साथ भी गठबंधन किया है, जिसने 2017 में राज्य में भाजपा को सत्ता में आने में मदद की थी और अभी भी कई इलाकों में उसकी अच्छी पकड़ है।
गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री लुइज़िन्हो फलेरियो (जो पहले कांग्रेस के साथ थे) को अपने पाले में करने के बाद तृणमूल ने राज्य में आक्रामक अभियान शुरू कर दिया है। इनके अलावा पूर्व टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस भी टीएमसी का दामन थाम चुके हैं। ऐसी चर्चा है कि वो राज्य में सीएम पद का चेहरा हो सकते हैं।