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अगरतला: भाजपा नेता बिपलव कुमार देव के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद आज त्रिपुरा भाजपा के प्रमुख मानिक साहा मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। रविवार को अगरतला स्थित राजभवन में मानिक ने राज्य का जिम्मा बतौर सीएम संभाला। राज्य के नए मुख्यमंत्री के तौर पर चुने गए मानिक भाजपा के राज्यसभा सांसद हैं। साथ ही त्रिपुरा भाजपा के प्रमुख भी हैं, जहां अगले साल मार्च महीने विधानसभा चुनाव होना है।

बता दें कि ये कोई पहली घटना नहीं है, इससे पहले उत्तराखंड में भी भाजपा के साथ ऐसा हो चुका है। विधानसभा चुनाव से ठीक कुछ महीने पहले सीएम ने इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में उत्तरपूर्वी राज्य जहां अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस कड़ी टक्कर देने को तैयार है, डेंटल सर्जरी के प्रोफेसर मानिक से पार्टी को बहुत उम्मीद है। पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री पद का जिम्मा सौंपा ताकि वे पार्टी को मजबूती प्रदान करें, जिससे आने वाले चुनाव में भाजपा की जीत हो। राज्य के 11वें सीएम के रूप में शपथ लेने वाले मानिक साहा का नाम सीएम पद के लिए बिपलव के इस्तीफा देने के कुछ घंटों बाद सामने आया था।

नाम के सामने आने के बाद विधायक मंडल की बैठक हुई, जिसमें सभी ने इस फैसले पर सहमति जताई। इधर, अचानक हुए इस सियासी उथल-पुथल ने लोगों को चौंका दिया है।

साल 2016 में ज्वॉइन की है भाजपा

बता दें कि कांग्रेस का दामन छोड़कर मानिक ने साल 2016 में भाजपा ज्वॉइन की है। साल 2020 में उन्हें पार्टी प्रमुख बनाया गया था। वहीं, इसी साल मार्च महीने उन्हें राज्यसभा भेजा गया था। बहरहाल, अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले मुख्यमंत्री देव ने आनन फानन में इस्तीफा दे दिया है। राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य को अपना इस्तीफा सौंपने के बाद उन्होंने कहा कि पूरे दिल से राज्य की जनता की उन्होंने सेवा की है।

गौरतलब है कि देव ने राज्य में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। सीपीआई का गढ़ माने जाने वाले त्रिपुरा में साल 2018 में भाजपा की जीत में उनका महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।

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