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चंडीगढ़: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सलाहकार रहे प्रोफेसर वीरेंद्र के खिलाफ जाट आरक्षण की मांग को लेकर हुई हिंसा के दौरान उसे भड़काने के आरोप में देशद्रोह का केस दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि हाल ही में एक ऑडियो क्लिप सामने आया था, जिसमें कांग्रेस नेता प्रोफेसर वीरेंद्र एक खाप नेता के साथ जाट आंदोलन के दौरान कथित रूप से हिंसा भड़काने की बातें कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने भी सोमवार को ही पीसीसी प्रतिनिधि प्रोफेसर वीरेंद्र से ऑडियो क्लिप पर सफाई मांगी थी, जिसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी ने कहा कि क्लिप में आवाज उन्हीं की है, लेकिन बातचीत में छेड़छाड़ की गई है।

रोहतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को मिलने वाला 27 प्रतिशत आरक्षण कोटा में छेड़छाड़ से इनकार करते हुए कहा कि जाटों को एक अलग प्रावधान के तहत आरक्षण दिया जाएगा। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘राज्य सरकार ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण कोटा में छेड़छाड़ नहीं करेगी। सरकार उनके आरक्षण के लिए एक विशेष प्रावधान बनाएगी।’ मुख्यमंत्री के रोहतक पहुंचने के साथ ही उनके सरकारी कार को गुस्साए लोगों ने घेर लिया और हिंसक स्थिति पर नियंत्रण करने में राज्य पुलिस की कथित नाकामी को लेकर ‘हरियाणा पुलिस मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाए। खट्टर ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा के एक करीबी सहयोगी के कथित ऑडियो क्लिप की तरफ इशारा करते हुए कहा कि इसकी गहनता से जांच की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘किसी भी राजनीतिक दल या संगठन से संबंधित किसी भी व्यक्ति की संलिप्ता पायी जाने पर उसे बख्शा नहीं जाएगा।’

रोहतक: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मंगलवार रात रोहतक जिला प्रशासन ने शहर छोड़कर जाने को कह दिया है। बता दें कि रोहतक जाट आंदोलन की हिंसा से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने इसके लिए कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने का हवाला दिया। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस नेता हुड्डा को शांति और सद्भावना सुनिश्चित करने के लिए रोहतक छोड़कर जाने को कहा गया है। हुड्डा ने कहा कि उन्हें कानून व्यवस्था बनाए रखने के बाबत रोहतक से चले जाने और रात में यहां नहीं ठहरने की सलाह वाला जिला प्रशासन का आदेश मिला है। उन्होंने कहा, 'कानून पालन करने वाले नागरिक के रूप में मैं प्रधान सचिव ए.के. सिंह द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए बाध्य हूं और मैंने शहर तत्काल छोड़ दिया।' हुड्डा ने कहा कि वह दिल्ली जा रहे हैं।

चंडीगढ़: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार से आज (मंगलवार) जाट आंदोलन पर सोमवार तक स्थिति रिपोर्ट पेश करने को कहा। इस आंदोलन के कारण अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है और सरकारी एवं निजी संपत्ति का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। न्यायमूर्ति एस के मित्तल और न्यायमूर्ति एच एस सिद्धू की एक खंड पीठ ने भिवानी के निवासी मुरारी लाल गुप्ता की जनहित याचिका पर राज्य के महाधिवक्ता बी आर महाजन को यह आदेश दिया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पूरे हरियाणा, खासकर रोहतक, भिवानी और जींद जिलों में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। याचिकाकर्ता ने कहा कि आगजनी, हिंसा और तोड़फोड़ के कारण ‘‘पूरा रोहतक राख में तब्दील हो गया है।’’ पीठ ने उम्मीद जताई कि हरियाणा के लोग स्थिति को समझेंगे और शांति बनाए रखेंगे। अदालत ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को जनता के कल्याण के बारे में सोचना चाहिए। पीठ ने कहा, ‘‘ हरियाणा को वही हरियाणा रहने दें, जैसा कि उसे जाना जाता है।

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