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शिमला: हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर आफत की बारिश से जन जीवन प्रभावित है। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से जुड़ी तीन अलग-अलग घटनाओं में 50 लोगों की मौत हो गई है। मंडी और सोलन में बादल फटने से 12 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, शिमला शहर के समर हिल इलाके में एक शिव मंदिर में भूस्खलन में नौ अन्य की मौत हो गई है। हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लोगों को घरों में रहने की सलाह दी है। राज्य में एहतियातन सभी स्कूल-कॉलेजों को बंद कर दिया गया है।

हिमाचल के कई ज़िलों में 15 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट है. हिमाचल के सोलन की ममलीक के धायावला गाँव में बादल फट गया है। सोलन के डीसी मनमोहन शर्मा के मुताबिक, बादल फटने से 7 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 6 का रेस्क्यू किया गया है। उन्‍होंने बताया कि ये हादसा देर रात हुआ है। सोलन के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया कि मृतकों की शिनाख्त हरनाम (38), कमल किशोर (35), हेमलता (34), राहुल (14), नेहा (12), गोलू (8) और रक्षा (12) के रूप में की गयी है।

शिमला में मंदिर ढहा, 9 लोगों की मौत

शिमला शहर के समर हिल इलाके में एक शिव मंदिर में भूस्खलन में नौ अन्य की मौत हो गई है। शिमला में भूस्खलन की दो घटनाओं में 15 से 20 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि रविवार रात को बादल फटने से जादोन गांव में दो मकान बह गए और हादसे में छह लोगों को बचा लिया गया जबकि सात अन्य की मौत हो गयी। शिमला शहर के समर हिल इलाके में एक शिव मंदिर और फागली इलाके में भूस्खलन हो गया, जिसके बाद कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। फागली इलाके में कई मकान मिट्टी में धंस गए।

हिमाचल में आफत की बारिश

हिमाचल प्रदेश में आसमान से आफत की बारिश हो रही है। इससे राज्‍य की नदियां उफान पर हैं। लगातार बारिश की वजह से राज्य में एहतियातन सभी स्कूल कॉलेजों को बंद कर दिया गया है। शिमला-धर्मशाला समेत करीब 500 सड़कों पर आवाजाही भूस्खलन की वजह से बंद है। प्रशासन की ओर से लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन वाले इलाक़ों में नहीं जाने की अपील की गई है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थान (स्कूल, कॉलेज) 14 अगस्त को बंद रहेंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भारी बारिश के कारण विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर यह निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री के आदेश पर शिक्षा सचिव ने सभी सरकारी, निजी स्कूलों, कॉलेजों को 14 अगस्त को बंद रखने की अधिसूचना जारी कर दी है। मुख्यमंत्री ने जिलों में भारी बारिश से हो रहे नुकसान की फीडबैक सभी डीसी से ली। उन्होंने सड़क मार्गों के बंद होने की जानकारी भी हासिल की। भूस्खलन और मकानों के क्षतिग्रस्त के कारण हुए नुकसान के बारे में भी उन्होंने जाना। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव, गृह सचिव के साथ ही सभी डीसी को निर्देश दिए हैं कि भारी बरसात के कारण बने हालात पर पूरी नजर बनाए रखें। प्रशासनिक अमला मुस्तैद रहे और सड़क मार्ग, बिजली, पानी की व्यवस्था सुचारू बनाए रखें।

मौसम विभाग ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश में किन-किन क्षेत्रों में कितनी बारिश हुई:-

कांगड़ा : 273 एमएम

शापुर : 231 एमएम

मंडी : 124.5 एमएम

शिमला : 108.5 एमएम

सुंदरनगर :168 एमएम

बिलासपुर : 119.5 एमएम

धौलाकुआं : 111 एमएम

कसौली : 96 एमएम

कटौला : 172 एमएम

गोहर: 119 एमएम

सीडब्ल्यूसी पांवटा : 93.4 एमएम

जोगिंदरनगर : 178 एमएम

उत्‍तराखंड में भी बारिश से हालात बिगड़े

उत्तराखंड के चमोली में बीती रात से तेज बारिश हो रही है. भारी बारिश की वजह नदी का जलस्तर बढ़ गया है और लोगों के घरों से लेकर दुनकानों तक में पानी आ गया है। उत्तराखंड के देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चंपावत, नैनीताल और उधम सिंह नगर में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि हरिद्वार समेत कई दूसरे ज़िलों में यलो अलर्ट है। हरिद्वार में गंगा नदी ख़तरे के निशान से एक मीटर ऊपर बह रही है। मुसालाधार बारिश की वजह से कई जगहों पर लैंड स्लाइड के बाद सड़के बंद है।

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