शिमला: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को दावा किया कि हिमाचल प्रदेश में उनकी पार्टी की सरकार बनेगी, जिसके बाद पुरानी पेंशन योजना की बहाली समेत सभी वादों को पूरा किया जायेगा। उन्होंने शिमला के बनूटी में एक जनसभा में कहा कि कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह ऐसे वादे नहीं करती जिन्हें पूरा नहीं किया जा सके। खड़गे ने कहा कि बीजेपी हिमाचल प्रदेश की जनता को बेवकूफ नहीं बना सकती, क्योंकि यहां की जनता पढ़ी लिखी है। अध्यक्ष बनने के बाद खड़गे की यह पहली चुनावी सभा थी।
पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह के समर्थन में एक जनसभा को संबोधित हुए उन्होंने कहा, 'हिमाचल में कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है। हमने जो वादे किये हैं, उन्हें पूरा किया जाएगा। हम मोदी जी की तरह ऐसे वादे नहीं करते कि जिन्हें पूरा नहीं किया जा सके।' उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 65 हजार सरकारी पद खाली हैं। केंद्र सरकार के स्तर पर 14 लाख पद खाली हैं, लेकिन इन्हें भरा नहीं जा रहा है।
खड़गे ने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा पर तंज कसते हुए कहा, 'नड्डा जी का चुनाव कैसे हुआ, यह किसी को पता नहीं। बीजेपी में चुनाव नहीं होता है, वहां सिर्फ नियुक्ति होती है। कांग्रेस में लोकतंत्र है।'
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सरकार बनने के साथ ही पहला निर्णय पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने का होगा। उन्होंने कहा, ‘‘महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये दिये जायेंगे, एक लाख सरकारी नौकरियां दी जाएंगी और सेब बागबानों की मर्जी के मुताबिक उचित मूल्य पर खरीद की जाएगी।''
उन्होंने 'अग्निपथ' योजना को लेकर सरकार की आलोचना करते हुए कहा, 'अग्निवीर चार साल के लिए बना रहे है। इसके बाद युवा क्या करेगा? मंदिर में घंटी बजाएगा? बीजेपी सरकार की आदत है कि लोगों को दिशाहीन किया जाए।' खड़गे ने दावा किया कि बीजेपी के लोग सुबह से ही इसी सोच में पड़ जाते हैं कि कांग्रेस के भला-बुरा कैसे कहा जाए।
वहीं, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मतदाता 12 नवंबर को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को 'जयराम जी की' (अलविदा) कहते हुए मतदान करेंगे। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की ओर से की गई ‘10 गारंटी' का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार बनते ही सबसे पहले पुरानी पेंशन बहाल की जाएगी।
बघेल ने कहा, ‘‘बीजेपी के लोग कहते हैं कि केंद्र की मदद के बिना यह नहीं हो सकता। मैं कहता हूं कि जब पैसा हिमाचल सरकार और यहां के कर्मचारियों का है तो केंद्र सरकार इसमें क्या करेगी।'' हिमाचल प्रदेश की सभी 68 विधानसभा सीटों के लिए 12 नवंबर को मतदान होगा और आठ दिसंबर को मतगणना होगी।