शिमला: कोटाखाई बलात्कार मामले के संदिग्ध एक नेपाली मजदूर की हिरासत में मौत के मामले में सीबीआई ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश पुलिस के महानिरीक्षक (आईजी) जहूर हैदरी जैदी और सात अन्य पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है। शिमला के कोटखाई इलाके में चार जुलाई को एक नाबालिग लड़की का बलात्कार कर उसकी हत्या कर दी गई थी। आपको बता दें कि दो अगस्त को इस मामले में सीबीआई हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करेगी। बलात्कार और हत्या के मामले में राज्य पुलिस ने छह संदिग्धों को हिरासत में लिया था जिन्हें स्थानीय पुलिस थाने में बंद किया गया। एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि पेशे से मजदूर नेपाल के सूरज सिंह (29) की पिछले माह एक सह-आरोपी ने कथित तौर पर हत्या कर दी थी। इसकी लोगों ने काफी निंदा की थी। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मामले की जांच बाद में सीबीआई को सौंप दी थी। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी एवं तत्कालीन आईजीपी (दक्षिण) जैदी, तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक मनोज जोशी और छह अन्य पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार करने से पहले कई लोगों से पूछताछ की थी।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों को बुधवार को अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। सीबीआई ने नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार एवं हत्या और हिरासत में संदिग्ध की मौत के मामले में दो अलग-अलग प्राथमिकियां दर्ज की हैं। सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा, सीबीआई ने पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक और पुलिस उप-अधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन कर दोनों मामलों की जांच शुरू की। वहीं इस मामले में मंगलवार को सीबीआई ने आरोपी आशीष चौहान की जामनत याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीआई को नोटिस जारी किया है। इतना ही नहीं हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि 11 सितंबर तक आरोपी आशीष की जांच से जुड़ी संबंधित रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करें। आपको बता दें कि 22 जुलाई को सीबीआई ने आशीष के खिलाफ आईपीसी की धारा 376, 302, 34, 120 बी और पॉस्को अधिनियम की धारा 6 के तहत केस दर्ज किया था। आईजी ने बताया था कि चार जुलाई को स्कूल से छुट्टी होने के बाद गुड़िया अपनी सहेली के साथ स्कूल से घर के लिए निकली। कुछ दूरी पर दूसरी सहेली अन्य रास्ते से अपने घर की ओर निकल गई। इसके बाद गुडिया अभी कुछ ही कदम चली थी कि उसे एक पिकअप गाड़ी मिली। गाड़ी के चालक राजू ने गुड़िया को गाड़ी में बैठने के लिए कहा। पुलिस ने बताया कि राजू के साथ स्कूल के बच्चे अक्सर गाड़ी में जाते थे। जब वह गाड़ी में बैठी उसकी सहेली दूसरे रास्ते से चली गई थी। गाड़ी की अगली सीट पर दो युवक बैठे थे। राजू ने उन्हें उतार कर पीछे बैठने को कहा और गुड़िया को आगे बैठा लिया। राजू बगीचे में स्प्रे मशीन छोड़ने जा रहा था। स्प्रे मशीन छोड़ने के बाद पांचों ने आपस में सलाह-मशविरा किया। फिर थोड़ी दूर पर गाड़ी रोकी और गुड़िया को गाड़ी से जबरन घसीट कर सड़क से नीचे जंगल में ले गए। यहां पर राजू ने गुड़िया के साथ दुष्कर्म किया। राजू के बाद अन्य चार आरोपियों ने भी बारी-बारी से गुड़िया के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस का कहना था कि सभी आरोपी नशे में धुत्त थे। इस दौरान जब वे अप्राकृतिक दुष्कर्म कर रहे थे तो नशे में उन्होंने गुड़िया का मुंह दबा दिया। मिट्टी में मुंह दबने से उसकी सांस रुक गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।