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नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री किरेण रिजिजू ने गुरुवार को एक ट्वीट कर जानकारी दी है कि पिछले दिनों लापता हुए अरुणाचल प्रदेश के लापता किशोर को चीनी सेना ने भारत को लौटा दिया है। अभी बुधवार को ही उन्होंने बताया था कि लड़के की वापसी को लेकर आर्मी और चीन की सेना के बीच गणतंत्र दिवस के मौके पर हॉटलाइन बातचीत हुई थी और चीनी सेना ने लड़के की सौंपने को लेकर सकारात्मक संकेत दिए थे।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक- युवक को एलएसी के नजदीक किबीथू के पास वाचा में (जहां भारत-चीन के बीच बॉर्डर से जुड़ी मीटिंग होती है) में सौंपा गया। कोविड टेस्ट समेत सभी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है। बता दें कि मिराम तारोन अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले से 18 जनवरी को लापता हो गया था। बयान के अनुसार कुछ लोगों ने दावा किया था कि चीनी पीएलए ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया था।

गौरतलब है कि लड़के के लापता होने के बाद भारतीय सेना ने चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) से मदद मांगी थी।

वास्तविक नियंत्रण रेखा से सटे गांव का रहने वाला यह लड़का कथित तौर पर सांगपो नदी पार कर चीनी हिस्से में चला गया था, जिसके बाद चीनी सेना द्वारा कब्जे में ले लिया गया था। सांगपो नदी अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करने पर सियांग और असम में प्रवेश करने पर ब्रह्मपुत्र नदी कहलाती है। रक्षा सूत्रों ने बाद में अरुणाचल प्रदेश से लापता हुए किशोर मीराम तारौन के बारे में चीनी रक्षा अधिकारियों को जानकारी दी थी। सूत्रों ने कहा था कि लड़के के लापता होने की जानकारी मिलने पर भारतीय सेना ने हॉटलाइन के स्थापित तंत्र के जरिये तत्काल पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) से संपर्क किया। उन्हें बताया गया कि जड़ी-बूटियां लेने गया लड़का रास्ता भटक गया है और मिल नहीं रहा है।

 

 

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