ताज़ा खबरें
लोकसभा से पास हुआ वक्फ बिल: पक्ष में 288, विरोध में पड़े 232 वोट
ईडी की रेड पर बघेल बोले- यह कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध के तहत
2013 के संशोधन के चलते लाना पड़ा वक्फ संशोधन बिल: अमित शाह
वक्फ​ बिल बीजेपी की नफरत की राजनीति का नया अध्याय है: अखिलेश
'कल दूसरे समुदायों की जमीन पर भी होगी इनकी नजर': गौरव गोगोई
वक्फ​ बिल में धार्मिक कार्यकलाप में हस्तक्षेप का कोई प्रावधान नहीं:रिजिजू

उत्तरकाशी: उत्तरकाशी की सिलक्यारा टनल में बीते 17 दिनों से चल रही खुदाई लगभग पूरी हो चुकी है। आज शाम तक मजदूरों को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार सरकार या उसके प्रतिनिधि कुछ देर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस विषय में आधिकारिक जानकारी साझा करेंगे। कहा जा रहा है कि शाम तक सभी मजदूरों को बाहर निकाल लिया जाएगा।

शाम पांच बजे तक बाहर आ सकते हैं मजदूर

माइक्रो टनलिंग विशेषज्ञ क्रिस कूपर ने कहा कि हम अभी भी खुदाई कर रहे हैं। हमें कुछ और मीटर तक जाना है। हम शाम 5 बजे तक कुछ परिणाम देखने की उम्मीद कर रहे हैं। 2-3 मीटर बाकी हैं।

एनडीआरएफ और एसडीआरआफ के जवान जाएंगे अंदर

घटनास्थल पर मौजूद हमारे रिपोर्टर के मुताबिक, एनडीआरएफ और एसडीआरआफ के एक-एक जवान टनल के अंदर उतरेंगे और फिर वहां से मजदूरों को बाहर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

टनल के बाहर हलचल बढ़ गई है, गेट पर सभी एंबेलेंस को तैनात करना शुरू कर दिया गया है। लोग एक दूसरे से गले मिल रहे हैं और विक्ट्री साइन दिखाया जा रहा है। अंदर से तेज आवाज आई है। स्ट्रेचर, गद्दे और बेड टनल के भीतर ले जाये जा रहे हैं।

17 दिन बाद बाहर निकलेंगे मजदूर

टनल के बाहर मजदूरों को बाहर निकालने के लिए स्ट्रेचर और गद्दे लेकर बचाव दल टनल के अंदर जा रहा है। वहीं इस जगह पर मौजूद एंबेलेंस टनल के बाहर वर्टिकल साइन में लग गईं है ताकि मजदूरों को तुरंत बाहर निकालते ही सीधे अस्पताल लेकर जाया सके। इसी के तहत टनल से लेकर सुरंग तक के रास्ते को खाली करा कर वन-वे कराया जा रहा है, जिससे अस्पताल ले जाने में कोई अड़चन नहीं हो।

हाईअलर्ट पर रखे गये अस्पताल

मजदूरों को बाहर निकालते ही उनकी मेडिकल कंडीशन को ध्यान में रखते हुए ट्रीटमेंट के लिए ध्यान पर रखा जाएगा। टनल से कुछ देरी पर एक अस्पताल बनाया गया है, जहां पर मामूली रूप से घायल मजदूरों का इलाज किया जाएगा। उससे अधिक दूरी पर एक बेस हॉस्पिटल को तैयार किया गया है। अगर किसी मजदूर की तबियत ज्यादा बिगड़ती है तो उसके लिए एम्स ऋषिकेश को अलर्ट कर दिया गया है। एयर एंबुलेंस भी अलर्ट पर रखी गई हैं।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख