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राजकोट: राजकोट में टोलबूथ पर की गई तोड़फोड़ की सीसीटीवी की तस्वीरें सामने आई हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, राजकोट जिले के कगवाड में पटेल समुदाय का आरक्षण के मुद्दे पर सम्मेलन था। वहां से वापस आ रहे पटेल युवाओं का टोलबूथ पर शाम के समय टोल को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद पटेल समुदाय के लोगों ने तोड़फोड़ की। टोलबूथ तोड़ दिया और करीब नौ गाड़ियों को भी तोड़ा। इसे लेकर शिकायत दर्ज कर ली गई है।
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अहमदाबाद: गांधीनगर की एक अदालत ने सोमवार को आसाराम के खिलाफ आरोप तय किए। इससे उसके खिलाफ बलात्कार के एक मामले में आरोपपत्र दायर किए जाने के दो साल से अधिक समय बाद सुनवाई का रास्ता खुल गया। सूरत की एक महिला ने आसाराम पर आश्रम में ठहरने के दौरान बार बार उससे बार बार बलात्कार करने का आरोप लगाया है। आरोप तय करने में इसलिए विलंब हुआ क्योंकि पुलिस आसाराम को अदालत में नहीं ला पाई। उसकी वजह यह थी कि आसाराम बलात्कार के एक अन्य मामले में जेल में है। पुलिस और आसाराम के वकीलों के बीच इस बात पर सहमति बनी कि वह वीडियो लिंक के जरिए पेशी हो सकती है। आसाराम की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सत्र न्यायाधीश रिजवाना घोघारी के सामने पेशी हुई। आसाराम ने अदालत द्वारा पूछे जाने पर आरोपों से इनकार किया। उन्होंने अदालत से मामले की तेजी से सुनवाई का अनुरोध किया। इस मामले में आसाराम पर अवैध रूप से बंधक बनाने और साजिश रचने का भी आरोप है।
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अहमदाबाद: गुजरात के भाजपा के सांसद विट्ठल रादडिया एक बार फिर विवादों में घिरे हैं। गुजरात के भाजपा के सांसद विट्ठल रादडिया ने एक समारोह में कथित तौर पर एक बुजुर्ग को पांवों से पीटा। कुछ दिन पहले अपने संसदीय क्षेत्र द्वारका में आयोजित एक समारोह में उन्होंने एक बुजुर्ग को पांवों से पीटा था। इससे जुड़ा एक वीडियो वायरल हो गया है। समारोह के दौरान एक बुजुर्ग को उन्होंने कथित तौर पर बीड़ी पीने के लिये पीटा। महत्वपूर्ण है कि रादडिया लगातार विवादों में हैं। पिछली बार 2012 में एक टोल बूथ पर उनसे पैसा मांगे जाने पर उन्होंने बंदूक निकाल ली थी। तब भी उनका कारनामा सीसीटीवी में कैद हो गया था। उस वक्त वह कांग्रेस के सांसद थे।
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अहमदाबाद: गुजरात में एक किसान को एक साहूकार के सहयोगियों ने जिंदा जला दिया क्योंकि उसने बकाया राशि चुकाने से इनकार कर दिया था। पुलिस ने बताया कि महेसाणा जिले के धानपुरा निवासी दयाभाई रावल को 21 मार्च को जिंदा जला दिया। शनिवार को अहमदाबाद सदर अस्पताल में किसान की मौत हो गयी। 55 वर्षीय किसान ने साहूकार भरत सिंह राठौड़ से एक लाख रूपए का कर्ज लिया था और 50,000 रूपए उसे वापस किए थे। राठौड़ गांव के किसानों को कर्ज देने का काम करता है। इस सिलसिले में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पुलिस ने बताया, रावल जब बाकी 50,000 रूपए और ब्याज समय पर नहीं चुका सके तो राठौड़ ने वसूली के लिए हरजीत सिंह राठौड़ और छह अन्य लोगों को उसके घर भेजा। पुलिस उपनिरीक्षक एस.जे. देसाई ने कहा, ‘प्राथमिकी के अनुसार, जब रावल ने जोर दिया कि वह बकाया राशि साहूकार भरत सिंह राठौड़ को ही देगा तो हरजीत सिंह और अन्य लोगों ने उसपर मिट्टी तेल डालकर उसे जला दिया।’ देसाई ने बताया कि रावल को अहमदाबाद सदर अस्पताल ले जाया गया जहां पांच दिन के बाद शनिवार को उसकी मौत हो गयी।
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