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वडोदरा: गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने कहा कि राज्य में सभी गांवों को अगले एक साल में खुले में शौच मुक्त बनाया जाएगा। डॉ. बीआर अंबेडकर की 125 वीं जयंती के अवसर पर भाजपा द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य के 14,000 गांवों में से 4,000 गांव अब खुले में शौच मुक्त हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, 'गुजरात एक साल में सभी गांवों में शौचालय बनाने का लक्ष्य हासिल कर लेगा।' उन्होंने कहा कि इस प्रयास में मानसिकता बदलने और गांवों में शौचालयों को अधिक स्वीकार्य बनाने की भी जरूरत है।
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अहमदाबाद: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने संगठन के सदस्यों का आह्वान किया कि वे भारत को विश्व नेता बनाने का संकल्प लें, जिससे कि समूचा विश्व 'भारत माता की जय' कह सके। भागवत ने यहां संघ सदस्यों की सभा को संबोधित करते हुए कहा, 'हमें अपने देश को विश्व नेता बनाने की दिशा में काम करना है और हमें ऐसा बनना है कि समूची दुनिया कहे 'विश्व गुरू भारत माता की जय।' और यह हमारा निजी संकल्प, सामूहिक संकल्प, हमारा एकमात्र संकल्प है..।' उन्होंने कहा, 'हमें राष्ट्रवादी आदर्शों के जरिए इस समाज को एक करना है तथा अपने देश को विश्व नेता का दर्जा दिलाना है और इसे ऐसा बनाना है कि समूचा विश्व 'भारत माता की जय' कहे।' भागवत ने आगे कहा कि 'संघ के लिए केवल एक 'जय' है और वह है 'भारत माता की जय'। हिन्दू राष्ट्र के (हेडगेवार) के सकंल्प को पूरा करना हमारी जिम्मेदारी है और प्रतिपदा के अवसर पर हमें सोचना चाहिए कि हम इसे किस तरह हासिल कर सकते हैं।'
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अहमदाबाद: आसाराम बापू के यहां गिरफ्तार किए गए एक शिष्य ने बड़ा खुलासा करते हुए पुलिस को बताया कि प्रवचनकर्ता आसाराम ने साल 2008 में यहां अपने आश्रम के पास दो बच्चों की रहस्यमयी मौत के सिलसिले में अपने खिलाफ गवाही देने वाले गवाह को मरवाने की साजिश रची थी। पुलिस के मुताबिक, आसाराम के अनुयायी केडी पटेल को कल यहां एक स्थानीय अदालत में समर्पण के बाद गिरफ्तार किया गया। उसने पुलिस पूछताछ में उक्त खुलासा किया। पटेल ने कथित तौर पर गवाह राजू चांडक पर हमले के लिए पैसे का बंदोबस्त किया था। संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) जेके भट्ट ने कहा कि पटेल ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि आसाराम ने उससे चांडक पर हमले की साजिश रचने को कहा था, जिसने दोनों बच्चों की मौत के बाद आसाराम के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन किया था।
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गांधीनगर: इशरत जहां मुठभेड़ मामले में जमानत पर जेल से बाहर आए सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी डी जी वंजारा नौ वर्ष के बाद घर लौटे और सार्वजनिक जीवन में प्रवेश का ऐलान किया। वंजारा का उनके परिवार और शुभचिंतकों ने भव्य स्वागत किया। वह इशरत जहां, सोहराबुद्दीन शेख और तुलसी प्रजापति की कथित फर्जी मुठभेड़ों के मामले में मुख्य आरोपी हैं। सीबीआई अदालत ने पिछले सप्ताह उनको गुजरात में प्रवेश की इजाजत देते हुए जमानत की शर्तों में ढील दी। यहां टाउन हाल में आयोजित स्वागत समारोह में वंजारा ने कहा कि यह उनके सार्वजनिक जीवन की शुरुआत है और वह लोगों के अधिकारों के लिए लड़ेंगे। क्रिकेट की शब्दावली का इस्तेमाल करते हुए वंजारा ने कहा, ‘मैं रिटायर्ड हूं, पर टायर्ड नहीं हूं। मेरी पहली पारी पूरी हो चुकी है, लेकिन मेरी दूसरी और सबसे महत्वपूर्ण पारी अब शुरू हुई है। अब तक मैं फील्डिंग कर रहा था। अब मेरे हाथ में बल्ला है। मैं बल्लेबाजी करूंगा और जिन लोगों ने मेरे एवं दूसरे निर्दोष अधिकारियों के खिलाफ साजिश रची है उनको फील्डिंग करनी होगी।
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