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पुडुचेरी: केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के विधायक ए जॉन कुमार ने मंगलवार को विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही सामी सरकार अल्पमत में आ गई है, क्योंकि 30 सदस्यीय विधानसभा में उसके पास 14 ही विधायक का समर्थन रह गया है, जबकि 15 की जरूरत है। कुमार का इस्तीफा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दौरे से ठीक पहले हुआ है। कुमार मुख्यमंत्री वी नारायण सामी के करीबी माने जाते हैं।

बीते दो दिनों में दो विधायकों के इस्तीफे के बाद विधानसभा की प्रभावी संख्या 28 रह गई है। इस तरह बहुमत के लिए 15 विधायकों की जरूरत है। सत्तारूढ़ कांग्रेस व सहयोगी दल के मिलाकर 14 ही सदस्यों का समर्थन रह गया है। जॉन कुमार वर्ष 2019 में हुए उपचुनाव में कामराज नगर सीट से निर्वाचित हुए थे और बुधवार को विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार की शुरुआत करने आ रहे राहुल गांधी के दौरे से पहले विधानसभा से इस्तीफा देने वाले वह चौथे कांग्रेसी विधायक हैं। कुमार का इस्तीफा पार्टी के वरिष्ठ विधायक मल्लाडी कृष्णा राव के इस्तीफे के बाद आया है।

जिन्होंने पहले स्वास्थ्य मंत्री का पद छोड़ दिया था और सोमवार को विधानसभा से भी इस्तीफा दे दिया था।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जॉन कुमार ने विधानसभा अध्यक्ष वीवी शिवकोलुंधु से उनके कार्यालय जाकर मुलाकात की और हाथ से लिखा अपना इस्तीफा सौंपा। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वह पत्र का अध्ययन कर रहे हैं और जल्द फैसला लेंगे। उन्होंने बताया कि उन्हें मल्लाडी कृष्ण राव का इस्तीफा घर से सोमवार को रात फैक्स से मिला है।

बराबर हो गई पक्ष-विपक्ष की विधायक संख्या

कुमार के इस्तीफे के साथ ही सदन में कांग्रेस सदस्यों की संख्या 10 हो गई है एवं विधानसभा में सत्ता एवं विपक्ष के 14-14 सदस्य हो गए हैं। तीन सीटें नामांकित सदस्यों के लिए हैं।

उल्लेखनीय है कि गत महीनों में दो मंत्री ए नमास्सिवयम और मल्लाडी कृष्ण राव एवं कांग्रेस सदस्य ई थीप्पैनजान ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है जबकि पिछले साल जुलाई में एन धानवेलु को पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से अयोग्य करार दिया गया था।

द्रमुक के समर्थन पर टिकी सरकार

वी नारायाण सामी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार द्रमुक के तीन सदस्यों एवं माहे से एकमात्र विधायक एन रामचंद्रन के समर्थन पर निर्भर है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जॉन कुमार सबसे पहले विधानसभा अध्यक्ष के आवास पर गए और अपना इस्तीफा सौंपा, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने विधानसभा परिसर स्थित कार्यालय आकर अपना इस्तीफा देने को कहा। उन्होंने बताया कि इसके बाद कुमार विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय गए और अपना इस्तीफा सौंपा।

 

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