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पुड्डुचेरी: पांडिचेरी विश्वविद्यालय की एक छात्रा ने आरोप लगाया है कि उसे दीक्षांत समारोह में शामिल होने से इसलिए रोक दिया गया क्योंकि उसने हिजाब पहना हुआ था। छात्रा स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में शामिल थी। दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शिरकत की थी। उसका कहना है कि उसे राष्ट्रपति के जाने के बाद कार्यक्रम में जाने की अनुमति दी गई। केरल से ताल्लुक रखने वाली इस छात्रा का नाम रबीहा अब्दुरेहीम है। उन्होंने विश्वविद्यालय से जन संचार विषय में परास्नातक की पढ़ाई की है। उन्होंने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रति एकजुटता प्रकट करते हुए स्वर्ण पदक स्वीकार करने से इंकार कर दिया था।

छात्र का दावा है कि उसे एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कार्यक्रम की शुरुआत से पहले ऑडिटोरियम से बाहर जाने को कहा था। उन्हें राष्ट्रपति के जाने के बाद ही ऑडिटोरियम में जाने की अनुमति मिली। यहां राष्ट्रपति के जाने के बाद भी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देने का कार्यक्रम जारी रहा था। छात्रा ने कहा कि उन्हें इसकी वास्तविक जानकारी नहीं है कि उन्हें क्यों पुलिस अधिकारी ने बाहर जाने को कहा था।

लेकिन मुझे पता चला है कि जब अदंर मौजूद छात्रों ने उनसे कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि शायद उसने हिजाब पहना है इस वजह से। यह कारण हो सकता है लेकिन किसी ने भी मेरे मुंह पर यह बात नहीं कही।

छात्रा ने बताया कि उन्होंने अपनी डिग्री ले ली है लेकिन संशोधित नागरिकता के विरोध में प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के प्रति एकजुटता प्रकट करने के लिए स्वर्ण पदक लेने से इनकार कर दिया है। हालांकि विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है कि बाहर क्या हुआ है।

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