ताज़ा खबरें
एसआईआर के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन आजादी की दूसरी लड़ाई: खड़गे
जेडीयू से बाहर निकाले जाने पर अनंत सिंह बोले- बनाऊंगा अपनी पार्टी
रामलीला मैदान की रैली से पहले राहुल बोले- बीजेपी का दिल से धन्यवाद

इम्फाल: मणिपुर में दो नए जिलों के गठन के खिलाफ संयुक्त नागा परिषद (यूएनसी) द्वारा की गई अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी के मद्देनजर रविवार को एक लीटर पेट्रोल 300 रुपये में बिक रहा है। इस नाकेबंदी के बाद से राज्य में सभी पेट्रोल पंप सूखे पड़े हैं। असम में विभिन्न स्थानों पर फंसे मणिपुर की ओर जाने वाले ट्रकों और तेल टैंकरों की निकासी के लिए कदम उठाया जा रहा है। मणिपुर सरकार ने यूएनसी द्वारा समर्थित 48 घंटे की हड़ताल और नाकेबंदी की अनदेखी की। इसके बाद नागा संगठनों ने आंदोलन तीव्र करने का फैसला किया। उन्होंने विभिन्न वर्गों से नाकेबंदी को वापस लेने की अपील अनसुनी कर दी। मुख्य सचिव नबाकिशोर ने कहा कि कुछ स्वयंसेवी संगठनों को नाकेबंदी नहीं करनी चाहिए। हम उनसे नाकेबंदी खत्म करने की अपील करते हैं। मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह ने कहा कि सशस्त्र पुलिसबल फंसे हुए ट्रकों और तेल टैंकरों को निकाल रहे हैं। इनमें से कई ट्रक और तेल टैंकर तो एक नवंबर से ही खड़े हैं। इस बीच सीमेंट से भरे एक ट्रक में शनिवार रात को आग लगा दी गई। महिला कार्यकर्ताओं ने इम्फाल से नागा बहुल इलाकों में जाने वाले विभिन्न सामानों के परिवहन को प्रतिबंधित कर दिया। मणिपुर में पेट्रोल, डीजल, केरोसिन और एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध नहीं हैं। जरूरी सामानों की कीमतें आसमान छू रही हैं।

इंफाल: मणिपुर की मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम चानू शर्मिला ने आज (बुधवार) पहली बार मालोम नरसंहार कांड की बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। इसी कांड के चलते उन्होंने 16 साल पहले सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (आफ्स्पा) को राज्य से हटाने की मांग करते हुए भूख हड़ताल शुरू की थी जो उन्होंने हाल ही में समाप्त की। आज नरसंहार की 16वीं बरसी है जिसमें इंफाल वेस्ट जिले के मालोम में सुरक्षा बलों ने 10 नागरिकों को मार दिया था। स्मारक पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए पीपुल्स रिसजेर्ंस एंड जस्टिस अलायंस (पीआरजेए) की सह-संयोजक ने कहा कि पहली बार उन्होंने कार्यक्रम में भाग लिया है चूंकि 15 साल से ज्यादा समय तक वह हिरासत में रहीं। नरसंहार में मारे गये लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए शर्मिला ने कहा कि लोगों की सुरक्षा के लिए कानून बनाये जाते हैं और राजनीति में उनका प्रवेश एक लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत बदलाव लाने का पहला कदम है।

इंफाल: मणिपुर के मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह आज (सोमवार) संदिग्ध उग्रवादियों की गोलीबारी में बाल-बाल बच गये। यह गोलीबारी उस समय की गयी जब वह उखरूल हेलीपैड पर अपने हेलीकॉप्टर से बाहर निकले। सीआईडी अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री जिस समय हेलीकॉप्टर से उतर कर बाहर आए और सरकारी अधिकारी उनका अभिवादन कर रहे थे उस समय उग्रवादियों द्वारा की गयी गोलीबारी में मणिपुर राइफल का एक जवान घायल हो गया। अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर ने तुरंत उड़ान भरी और चिनगई की ओर चला गया लेकिन विरोध प्रदर्शन के कारण दूर-दराज के गांव में इसे नहीं उतारा जा सका। सूत्र ने बताया कि तब मुख्यमंत्री ने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया और राज्य की राजधानी वापस लौट गये जहां पर उन्होंने कैबिनेट की एक आपात बैठक बुलायी। उखरूल जिले के हुनफुंग और चिनगई गांव में मुख्यमंत्री के कई कार्यक्रम थे। हुनफुंग में इबोबी को एक बिजली सब स्टेशन के अलावा 100 बिस्तरों वाले उखरूल जिला अस्पताल का उद्घाटन करना था। नागरिक समाज के संगठनों ने बंद का आह्वान किया था और हेलीपैड से हुनफुंग के तीन किलोमीटर लंबे मार्ग पर नाकेबंदी की थी।। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने दो वाहनों में आग भी लगा दी। पुलिस ने बताया कि आज तड़के, नवनिर्मित अस्पताल के समीप, उसके उद्घाटन से पहले इंडियन रिजर्व बटालियन के एक जवान को संदिग्ध उग्रवादियों के बम हमले में छर्रे लग गए और वह घायल हो गया।

इंफाल: मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम शर्मिला चानू ने मंगलवार को एक राजनीतिक दल का गठन किया। उन्होंने सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (आफ्स्पा) को हटाने की मांग करते हुए अगस्त महीने में अपने 16 साल से चल रहे अनशन को समाप्त किया। शर्मिला ने कहा कि वह अगले साल विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री ओ इबोबी सिंह के विधानसभा क्षेत्र थौबल में उनसे मुकाबला करेंगीं यहां जॉनस्टोन हायर सैकंडरी स्कूल में इरोम शर्मिला की पार्टी ‘पीपुल्स रिसजेर्ंस एंड जस्टिस अलायंस’ के नाम की घोषणा की गयी। शर्मिला ने जिस दिन अपना अनशन समाप्त किया था, उसी दिन उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए राजनीतिक दल गठित करने की इच्छा जताई थी। मीडिया से बातचीत में 44 साल की शर्मिला ने सक्रिय राजनीति में प्रवेश करने के अपने सफर में जनता का सहयोग मांगा। बाद में उन्होंने मणिुपर प्रेस क्लब में कहा कि वह थौबल से और खुरई विधानसभा क्षेत्रों दोनों जगहों से चुनाव लड़ेंगी। शर्मिला ने पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की थी और विधानसभा चुनाव लड़ने की रणनीति तय करने के बारे में सलाह लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की भी इच्छा जताई थी।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख