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मुंबई: शिवसेना ने जेएनयूएसयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार को ‘मुफ्त प्रसिद्धि’ दिलाने के लिए भाजपा पर सोमवार को परोक्ष हमला करते हुए पूछा कि कन्हैया को इतने कम समय में जमानत कैसे मिल गई जबकि ‘देशद्रोह’ के अन्य आरोपी अब भी जेल की सलाखों के पीछे हैं। पार्टी ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में छपे संपादकीय में कहा कि (केंद्रीय मंत्री) वेंकैया नायडू ने कहा कि कन्हैया कुमार को मुफ्त प्रसिद्धि मिल रही है। यदि ऐसा है तो उसे मुफ्त की यह प्रसिद्धि दिलाने के लिए कौन जिम्मेदार है? आज, कुछ भी मुफ्त नहीं मिलता। उसने कहा कि छोटी से छोटी चीज की कीमत चुकानी पड़ती है। पीएफ में बचत की राशि जमा करने वाले कामकाजी वर्ग के लोगों और श्रमिकों की कमाई पर भी अब कर लगेगा। संक्षेप में, सरकार ने लोगों को केवल यह दिखाया है कि कुछ भी मुफ्त नहीं दिया जाएगा। शिवसेना ने कहा कि गुजरात में पटेल समुदाय के लिए आरक्षण की मांग के आंदोलन का नेतृत्व करने वाला हार्दिक पटेल ‘देशद्रोह’ का आरोप लगने के बाद अब भी सलाखों के पीछे है और वही स्थिति कर्नल पुरोहित तथा साध्वी प्रज्ञा की है।

मुंबई: जेड श्रेणी की सुरक्षा घेरे में मौजूद सामाजिक कार्यकर्ता अण्णा हजारे ने रविवार को आरोप लगाया कि उनकी सुरक्षा में तैनात कर्मी अपनी ड्यूटी में लापरवाह हैं। उन्होंने साथ ही कहा कि सरकार को उनकी सुरक्षा और पुख्ता करने की जरूरत नहीं है और अगर उनके साथ कुछ अप्रिय होता है तो वह उसे जिम्मेदार नहीं ठहराएंगे। हजारे ने कहा कि करीब ढाई हजार लोगों की जनसंख्या वाले (महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के) रालेगण सिद्धी गांव में नौ अंगरक्षकों और 28 पुलिसकर्मियों को रखना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसा होता है कि जब वह सुबह योग करते हैं तो उनके सुरक्षाकर्मी या तो वहां होते नहीं हैं या देर से आते हैं। उन्होंने कहा, 'वे अपने मोबाइल फोन या चैटिंग में व्यस्त रहते हैं। अगर कोई अंदर आकर मुझे मार दे तो उन्हें एहसास तक नहीं होगा।' भारतीय सेना में सैनिक रहे हजारे ने कहा, 'मेरा भारत-पाक युद्ध के दौरान खेमकरन सेक्टर में मौत से सामना हुआ था। मुझे जो मिला वह बोनस है। मैं देश और समाज की अंतिम सांस तक सेवा करूंगा।'

ठाणे: ठाणे में अपने ही परिवार के 14 सदस्यों की नृशंस हत्या के आरोपी हसनैन वारेकर पर 67 लाख रूपये का कर्ज था, जो उसने अपने संबंधियों से लिया था। इस हत्याकांड के जांचकर्ताओं ने आज (शनिवार) यह जानकारी दी। ठाणे पुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, हसनैन ने अलग-अलग मौकों पर कारोबार करने के बहाने अपने करीबी रिश्तेदारों से करीब 67 लाख रूपये का कर्ज लिया था। उन्होंने बताया कि हसनैन शेयर के कारोबार से भी जुड़ा था और पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या उसे शेयर कारोबार में गहरा नुकसान हुआ था। अधिकारी ने नाम जाहिर न करने के अनुरोध पर बताया कि पुलिस को यह भी पता चला है कि हसनैन ने वारदात से कुछ माह पहले समीपवर्ती माजावाड़ा इलाके में किराये पर एक कमरा लिया था लेकिन अभी यह जानकारी नहीं मिली है कि उसने कमरा क्यों किराये पर लिया था। उन्होंने बताया कि फॉरेन्सिक रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है ताकि मामले में कई ब्यौरों की पुष्टि की जा सके।

नागपुर: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि नई पीढ़ी को मां भारती की शान में नारे लगाने का पाठ पढ़ाया जाना चाहिए। उनकी यह टिप्पणी जेएनयू परिसर में कथित भारत विरोधी नारेबाजी पर उत्पन्न विवाद के आलोक में आई है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब हमें नई पीढी से ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने को कहना होगा। यह युवकों के वास्तविक, स्वभाविक और सर्वांगीण विकास का हिस्सा होना चाहिए। जेएनयू विवाद का प्रत्यक्ष जिक्र किए बिना उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है क्योंकि कुछ ताकतें युवकों को ‘भारत माता की जय’ नहीं कहने की बात बता रही है। दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय फरवरी के प्रारंभ में तब सुखिर्यों में आ गया था जब संसद हमले के मुजरिम अफजल गुरु की बरसी पर आयोजित एक कार्यक्रम में कथित रूप से भारत विरोधी नारे लगाये गए थे। पुलिस ने बाद में राजद्रोह का मामला दर्ज किया, जिसमें जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार समेत तीन विद्यार्थी गिरफ्तार किये गये।

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