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पुणे: महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे ने शनिवार को कहा कि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में कथित देशद्रोह के मुद्दे का राजनीतिकरण करके देशभक्ति का प्रमाण पत्र नहीं जारी किया जाना चाहिए। ठाकरे ने पुणे में एक कार्यक्रम में कहा, 'जेएनयू में राष्ट्रविरोधी नारेबाजी की निंदा की जानी चाहिए, लेकिन भाजपा को देशभक्ति या राष्ट्रद्रोह का प्रमाण पत्र नहीं जारी करना चाहिए।' उन्होंने कहा, 'भाजपा को जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के साथ अपने गठबंधन को लेकर काफी जवाब देना है।' उन्होंने कहा कि पार्टी ने पीडीपी के साथ जम्मू-कश्मीर में गठबंधन किया और बाहर देशभक्ति का प्रमाण पत्र बांट रही है। राज ठाकरे ने कहा कि भाजपा को विश्वविद्यालय परिसरों में अपनी छात्र शाखा एबीवीपी को लाकर मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए।

मुंबई: यरवदा जेल से आज (गुरूवार) रिहा हुए संजय दत्त की बहन प्रिया दत्त ने कहा कि यह उनके परिवार के लिए एक भावुक दिन है और उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने अभिनेता के स्वागत में विशेष इंतजाम किए है। उन्होंने कहा कि काश, आज यह दिन देखने के लिए उनके पिता सुनील दत्त जीवित होते। प्रिया ने ‘पीटीआई भाषा’ से कहा, ‘‘हमने :स्वागत की: कई योजनाएं बनाई है। मेरे पति ने इमारत का द्वार सजाया है और उनके स्वागत में एक पोस्टर लगाया है। मेरे बच्चों ने उनके लिए कार्ड बनाया है। हम बैठेंगे और बातें करेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे लिए यह बहुत भावुक दिन है। काश, यह दिन देखने के लिए मेरे पिता जीवित होते। यह उनके लिए सबसे खुशी का दिन होता। मैं अभी तक उनसे :संजय दत्त: नहीं मिली हूं। हम घर पर उनका इंतजार कर रहे हैं।’’ प्रिया ने कहा, ‘‘23 साल हो गए हैं.. उन्होंने :संजय दत्त ने: और हमने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। हमने बहुत संघर्ष किया है।’’ बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त को एके-56 राइफल रखने और फिर उसे नष्ट करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था।

मुंबई: अभिनेता संजय दत्त ने जेल से रिहा होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मैं 23 साल से जिसके लिए तरस रहा था, वह आजादी है। आज वह दिन आ गया है। अभी भी मुझे लग रहा है कि मैं पैरोल पर बाहर आया हूं। कुछ दिन लगेंगे मुझे यह समझने में कि मैं आजाद हो गया हूं। संजय ने कहा कि मेरी सभी से एक छोटी-सी प्रार्थना है कि मैं आतंकवादी नहीं हूं। टाडा कोर्ट से बरी होकर निकला था। मैं आर्म्स एक्ट में दोषी करार हुआ था। कृपया 1993 बम धमाकों को मेरे साथ न जोड़ें। उन्‍होंने कहा कि आज के दिन मुझे पिताजी की बहुत याद आ रही है। उनकी कमी महूसस हो रही है। अगर वह जिंदा होते तो वह बहुत खुश होते। जेल से बाहर निकलकर तिरंगे को सलाम करने के सवाल पर संजय ने कहा, ये धरती मां मेरी मां है। मैं हिन्दुस्तान की धरती को प्यार करता हूं। तिरंगा मेरी जिंदगी है। मुझे भारत का नागरिक होने पर गर्व है। इसलिए मैं जब बाहर आया तो मैंने तिरंगे को सलाम किया। संजय ने बताया कि जब कोर्ट ने कहा था कि मैं टेररिस्ट नहीं हूं तो यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात थी। मेरे पिता ये सुनना चाहते थे। वे होते तो बहुत खुश होते। जेल से बाहर आने की खुशी के बारे में उन्होंने कहा, कल रात से मैं सोया नहीं और चार दिन से खाना भी नहीं खाया। यही सोच रहा था कि मैं गेट के बाहर जाऊंगा और अपने परिवार के साथ रहूंगा।

मुंबई: 1993 के मुंबई बम धमाकों के मामले में दोषी संजय दत्त येरवडा जेल से रिहा हो गए हैं। जेल से रिहा होकर संजय दत्त ने कहा कि आजादी की यह राह आसान नहीं थी, दोस्तों’। यह बात उन्होंने मुंबई जाने से पहले पुणे एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में कही। उन्हें लेने के लिए महेश भट्ट और राजू हिरानी पहुंचे थे। जेल से निकलते ही उन्होंने अपना बैग नीचे रखा और वहां लगे तिरंगे को सलाम किया। वह चार्टर्ड प्लेन से मुंबई जा रहे हैं। मुंबई लौटते ही वह सबसे पहले गणपति बप्पा के दर्शन के लिए सिद्धिविनायक मंदिर जाएंगे। इसके बाद संजय मरीन लाइंस स्थित बड़ा क़ब्रिस्तान पहुंचकर अपनी मां नर्गिस दत्त को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। पाली हिल स्थित अपने घर लौटने के बाद संजय अपने पिता सुनील दत्त के चित्र के सामने पूजा करेंगे। संजय दत्त के स्वागत के लिए पाली हिल पर उनका इंपीरियल हाइट्स तैयार है। उम्मीद है कि घर पहुंचकर वह मीडिया से मुखतिब होंगे।

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