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मुंबई: मुंबई में डांस बार फिर से खुलने वाले हैं। 11 साल पहले कानून व्यवस्था बिगड़े का हवाला देकर राज्य सरकार ने डांस बार पर पाबंदी लगा दी थी। लंबी क़ानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार फिर से लाइसेंस देना शुरू किया है। लकिन अभी तक सिर्फ 4 डांस बार को ही लाइसेंस मिले हैं वो भी कई शर्तों के साथ। वैसे तो कुल 26 शर्तें हैं लेकिन उनमे 5 से 6 नई शर्तें हैं। जैसे कि डांस फ्लोर बनाना जरूरी है जो 10 बाई 12 फुट का होना चाहिए। उसके किनारे पर 3 फुट ऊंची रेलिंग होनी जरूरी है। इतना ही नहीं बार गर्ल और ग्राहक के बीच सुरक्षित दूरी के लिए 5 फुट के बाद एक लाल पट्टी बनानी है। ग्राहक उस पट्टी के दूसरी तरफ ही बैठकर दूर से ही डांस का आनंद ले सकते हैं। जबकि पहले वो बार डांसर घूम-घूम कर कहीं भी नाच सकती थी। बार डांसर्स के लिए भी नियम बने हैं जैसे डांस फ्लोर पर एक साथ सिर्फ 4 लड़किया ही डांस कर सकती हैं। उनकी उम्र 18 साल से ऊपर होनी चाहिए। सभी के पास आई कार्ड होना जरूरी है। नाच गाना भी अभद्र नहीं शालीन होना चाहिये। और बड़ी बात कि अब खुश होने के बाद ग्राहक पैसे नहीं लुटा सकते।

मुंबई: 'भारत माता की जय' कहने से इंकार करने पर एमआईएम के विधायक वारिस पठान को बजट सत्र की शेष अवधि के लिए महाराष्ट्र विधानसभा से निलंबित किया गया है। वारिस पठान मुंबई के भायखला से विधायक हैं और पेशे से वकील हैं। कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र विधानसभा में नेता विपक्ष राधाकृष्ण विखे पाटिल ने एमआईएम विधायक पर कार्रवाई की मांग की थी। इस प्रस्ताव को सरकार ने स्वीकार किया और निलंबन की कार्रवाई पूरी की गई। बता दें कि MIM विधायक इम्तियाज़ जलील राज्यपाल के अभिभाषण पर भाषण कर रहे थे। उनका बयान है कि महापुरुषों के मेमोरियल को बनाने के लिए टैक्स के पैसे इस्तेमाल न किया जाए। इस पर शिवसेना के विधायक गुलाबराव पाटिल ने पूछा कि क्या आप महापुरुषों के प्रति सम्मान नहीं रखते। क्या आप भारतमाता की जय नहीं बोलेंगे? इस पर एमआईएम के विधायक वारिस पठान खड़े हुए। उन्होंने कहा कि 'भारत माता की जय' बोलने की सख़्ती नहीं हो सकती।

मुंबई: राकांपा के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा धन शोधन के एक मामले की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किए जाने पर मंगलवार को महाराष्ट्र विधानमंडल में जमकर हंगामा हुआ और विपक्षी कांग्रेस और राकांपा सदस्यों ने इसे भाजपा नेतृत्व वाली सरकार की ‘बदले की राजनीति’ बताकर इसका विरोध किया। दिल्ली में महाराष्ट्र सदन के निर्माण में कथित घोटाले के सिलसिले में भुजबल को कल गिरफ्तार किए जाने के बाद धनशोधन निरोधक अधिनियम से संबद्ध विशेष अदालत ने 68 वर्ष के पूर्व उप मुख्यमंत्री को 17 मार्च तक प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में सौंप दिया। भुजबल को अदालत के सामने पेश किया गया जहां निदेशालय के वकील हितेन वेनेगांवकर ने कहा कि कल जब एजेंसी द्वारा बयान दर्ज किया जा रहा था तो पूर्व लोक निर्माण मंत्री सहयोग नहीं कर रहे थे। वेनेगांवकर ने अदालत को बताया, ‘उनसे जितने भी सवाल पूछे गए, उन्होंने ज्यादातर के जवाब में कहा कि ‘वह नहीं जानते।’

मुंबई: भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने सोमवार को ‘एक रैंक एक पेंशन’ (ओआरओपी) योजना के तहत 7.75 लाख रक्षा पेंशनभोगियों के लिए सरकारी नियमों के तहत 1465 करोड़ रुपये मूल्य के पिछले बकाये को जारी किया। एसबीआई की चेयरमैन अरुंधति भट्टाचार्य ने एक बयान में यह जानकारी दी। इसके अनुसार - सरकारी दिशा निर्देशों के अनुसार रक्षा पेंशन भोगियों को पहली किस्त (फरवरी 2016 तक की कुल बकाया राशि का चौथा हिस्सा), पारिवारिक पेंशनभोगियों व शौर्य सम्मान प्राप्त पेंशनभेागियों को बकाये की पूरी राशि का भुगतान 14 मार्च 2016 को किया जाएगा।’ सरकार ने पिछले साल नवंबर में ओआरओपी योजना को अधिसूचित किया था। इसका फायदा 24 लाख से अधिक पूर्व सैनिकों व छह लाख सैन्य विधवाओं को मिलेगा। भट्टाचार्य ने कहा, ‘सभी पेंशनभोगियों को मार्च 2016 से संशोधित मूल (पेंशन) मिलेगी।’ करीब 50 प्रतिशत पेंशनशुदा सैनिकों की पेंशन एसबीआई के माध्यम से पहुंचती है। भट्टाचार्य के अनुसार, ‘एसबीआई द्वारा बकाया भुगतान की पहली किस्त लगभग 1465 करोड़ रुपये होगी।’

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