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चंडीगढ़: हरियाणा के नए सीएम का नाम कुछ ही देर में सामने आ जाएगा। पंचकूला स्थित भाजपा दफ्तर में बीजेपी विधायक दल की बैठक शुरू होने वाली है। भाजपा के पर्यवेक्षक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव बैठक के लिए पहुंच गए हैं।

गृहमंत्री अमित शाह रात को चंडीगढ़ के ललित होटल में रुकेंगे। गुरुवार को शपथ ग्रहण समारोह के बाद पीएम नरेंद्र मोदी हरियाणा राजभवन में मीटिंग लेंगे। भाजपा ने अपने सभी 48 विधायकों को अगले दो दिन चंडीगढ़ में ही रहने के निर्देश जारी किए हैं। होटल ललित और हरियाणा राजभवन सेक्टर-6 में काफी संख्या में पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है।

वहीं होटल हयात में छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। इनमें बिहार, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, नगालैंड और पुड्डूचेरी के सीएम शामिल हैं।

बैठक में शामिल होने नायब सैनी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली बीजेपी कार्यालय पहुंच गए हैं। पार्टी में नायब सिंह सैनी के नाम को लेकर कोई शक नहीं है।

चंडीगढ़: हरियाणा की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 17 अक्तूबर को होगा। पहले इसकी तारीख 15 अक्तूबर तय थी। पंचकूला के दशहरा ग्राउंड में 17 अक्तूबर को सुबह 10 बजे कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा के वरिष्ठ नेता और अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री उपस्थित रहेंगे।

प्रदेश के मुख्य सचिव ने समारोह की तैयारी के लिए 10 सदस्य कमेटी गठित कर दी है। नायब सैनी का सीएम बनना तय है। वहीं उनके साथ 10 से 11 मंत्री भी शपथ ले सकते हैं।

भाजपा बहुमत में है हालांकि तीन निर्दलीय विधायकों सावित्री जिंदल, देवेंद्र कादियान और राजेश जून ने भाजपा को समर्थन देने की घोषणा की है। पार्टी के पक्ष में अब 51 सदस्य हो गए हैं। सरकार को समर्थन की घोषणा करने वाले तीन निर्दलीय विधायकों में से एक को मंत्री बनाया जा सकता है।

पिछली सैनी सरकार के दस में से आठ मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष चुनाव हार गए हैं। ऐसे में नई सरकार में नए चेहरों को माैका दिया जा सकता है।

चंडीगढ़: हरियाणा में बीजेपी ने प्रचंड जीत हासिल की है। कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। लेकिन इस बीच केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने ऐसा बयान दिया है, जिससे सवाल उठने लगे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बिना नाम लिए पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर पर ही निशाना साधा दिया।

'एक पूर्व मुख्यमंत्री ने हमें बांटना चाहा'

राव इंद्रजीत सिंह ने कहा, "एक पूर्व मुख्यमंत्री ने हमें बांटना चाहा। पूर्व मुख्यमंत्री ने दक्षिणी हरियाणा में नए-नए नेता बनाने चाहे। आज तक जो खुद नेता नहीं बन पाए उन्होंने हमारे 40 वर्षों के परिश्रम में बाधा डालने की कोशिश की। इस बार अहीरवाल ने तीसरी बार सरकार बनाई। नए लोगों को टिकट दिलाने का काम किया।"

जब केंद्रीय मंत्री कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे तब राव इंद्रजीत सिंह को मुख्यमंत्री बनाने के नारे लगे। बता दें कि चुनाव से पहले उन्होंने सीएम पद पर दावा ठोंक दिया था।

हरियाणा की अटेली विधानसभा सीट से केंद्रीय मंत्री की बेटी आरती राव को इस बार बीजेपी ने टिकट दिया था।

चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा चुनाव में कई परिवार अपना गढ़ बचाने में सफल रहे तो कुछ परिवारों को झटका लगा है। पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी देवीलाल का परिवार प्रदेश का सबसे बड़ा सियासी परिवार है। इस चुनाव में देवीलाल के कुनबे के आधे दर्जन से ज्यादा सदस्य चुनाव मैदान में थे। इनमें से केवल दो को जीत मिली। इसी तरह हरियाणा के चाणक्य कहे जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के परिवार के दो सदस्य इस बार मैदान में थे। इनमें से एक को जीत मिली तो एक को हार का सामना करना पड़ा। एक और पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल के गढ़ में पारिवारिक लड़ाई में उनकी पोती को जीत तो पोते को हार मिली। वहीं, हुड्डा परिवार, सुरजेवाला परिवार, जिंदल परिवार, बिरेंद्र राव परिवार के वंशज अपनी सीटों पर जीतने में सफल रहे।

देश के पूर्व उप-प्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल का परिवार के आठ सदस्य पांच अलग-अलग सीटों पर चुनाव मैदान में उतरे थे। इन सीटों में डबवाली, उचाना कलां, ऐलनाबाद, रानिया और फतेहबाद। इनमें से केवल डबवाली और रानिया में ही परिवार के सदस्यों को जीत मिली। दोनों ही सीटों पर परिवार के सदस्य ही आमने-सामने थे।

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