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अहमदाबाद: भाजपा के बागी विधायक नलिन कोटादिया के खिलाफ पुलिस द्वारा वसूली की शिकायत दर्ज किए जाने के एक दिन बाद उनके और गुजरात भाजपा के कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र पटेल के बीच कथित बातचीत का एक आडियो क्लिप सामने आया जिसमें दोनों पैसे के लेनदेन पर चर्चा कर रहे हैं। इस क्लिप में कोटादिया को यह कहते सुना गया कि उनके मित्र का दामाद जो कि बिल्डर है, पार्टी फंड में चार करोड़ रूपये देने को राजी हो गया है, बशर्ते राज्य सरकार उसे उसकी एक कृषि भूमि पर निर्माण की अनुमति दे दे। यह जमीन शहर के बाहरी इलाके में लक्ष्मीपुरा गांव में स्थित है। वहीं दूसरी ओर, पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री के स्तर पर अनुमति पहले ही दी जा चुकी है और इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है। इस विवादित क्लिप से राजनीतिक गलियारों खासकर भाजपा में हलचल पैदा होने पर पार्टी प्रवक्ता भरत पांड्या ने तुरंत एक स्पष्टीकरण जारी करते हुए इस मामले में सरकार या सत्तारूढ़ पार्टी के शामिल होने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि अमरेली जिले के धारी से विधायक सरकार और भाजपा को गलत तरीके से अपने निजी मामले में घसीट रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘यह पूरा मुद्दा एक बिल्डर और कोटादिया के बीच निजी लेनदेन से जुड़ा है। चूंकि यह सौदा नहीं हो सका, कोटादिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया।

इस प्रकार से सरकार इस मामले में किसी भी तरह से शामिल नहीं है। कोटादिया की ओर से भाजपा या सरकार के खिलाफ आधारहीन आरोप लगाना गलत है।’

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