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हैदराबाद: भारत की बढ़ती जनसंख्‍या को देखते हुए, जहां लोग कम बच्‍चे पैदा करने की सलाह दे रहे हैं। वहीं, आंध्र प्रदेश के मुख्‍यमंत्री चंद्रबाबू नायडू 'बच्चे बढ़ाओ' स्कीम लाने की तैयारी कर रहे हैं। जी हां, ये कोई मजाक नहीं है... चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश के लोगों को ज्‍यादा बच्‍चे पैदा करने की अपील की है। दरअसल, चंद्रबाबू नायडू राज्‍य में कम बच्‍चों के पैदा होने को लेकर टेंशन में हैं। ऐसे में आंध्र सरकार पॉपुलेशन मैनेजमेंट की योजना बना रही, जिसके तहत ज्‍यादा बच्‍चे वाले माता-पिता को प्रशासन की ओर से अधिक सुविधाएं दी जा सकती हैं।

अधिक बच्चे वाले परिवारों को विशेष सुविधाएं दी जाएंगी: चंद्रबाबू नायडू

आंध्र प्रदेश के मुख्‍यमंत्री चंद्रबाबू नायडू इस समय प्रदेश में बुजुर्गों की बढ़ती आबादी को देखते बेहद चिंता में हैं। इस चिंता को सार्वजनिक तौर पर जाहिर करते हुए शनिवार को कहा कि राज्‍य की आबादी का संतुलन बिगड़ रहा है। ऐसे में प्रदेश सरकार पॉपुलेशन मैनेजमेंट की योजना बना रही है। इसके तहत विधेयक लाने के बारे में भी सोचा जा रहा है, जिसमें अधिक बच्चे वाले परिवारों को विशेष सुविधाएं दी जा सकती हैं।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति में श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में प्रसाद के रूप में परोसे जाने वाले लड्डू बनाने में पशु चर्बी के इस्तेमाल के आरोपों की जांच के लिए एक नई स्वतंत्र एसआईटी गठित करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, एसआईटी में सीबीआई के दो अधिकारी, आंध्र प्रदेश पुलिस के दो अधिकारी और एफएसएसएआई का एक वरिष्ठ अधिकारी होगा। सीबीआई निदेशक एसआईटी जांच की निगरानी करेंगे।

इससे पहले मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि अगर आरोप में कोई भी सच्चाई है तो यह अस्वीकार्य है। सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि एसआईटी की निगरानी किसी वरिष्ठ केंद्रीय अधिकारी की ओर से की जाए, इससे लोगों में भरोसा बढ़ेगा। एसजी ने कहा कि देश भर में भक्त हैं, खाद्य सुरक्षा भी है। मुझे एसआईटी के सदस्यों के खिलाफ कोई शिकायत नहीं मिली। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया कि एक स्वतंत्र एसआईटी बनाई जाए। इसमें सीबीआई और राज्य सरकार से दो-दो सदस्य रह सकते हैं। इसके अलावा एफएसएसएआई से  एक सदस्य को समिति में रखा जाए।

नई दिल्ली: श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में लड्डू प्रसादम में पशु की चर्बी के इस्तेमाल के खिलाफ सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है। इस याचिका में उन्होंने इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित किए जाने की मांग की है। इससे पहले हिंदू सेना समिति के सुरजीत यादव और सुदर्शन टीवी के सुरेश चव्हाण भी इस मामले पर याचिका दाखिल कर चुके हैं।

इस मामले में हिन्दू सेना के अध्यक्ष सुरजीत सिंह यादव ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इस मामले पर इसी मसले पर वकील सत्यम सिंह राजपूत ने एक पत्र याचिका भारत के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को प्रेषित की थी।

जानें क्या है पूरा विवाद

लैब रिपोर्ट के हवाले से आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने दावा किया था कि मंदिर के प्रसादम में प्रयोग होने वाले शुद्ध घी में जानवरों की चर्बी मिली है। इसके अलावा प्रसाद बनाने में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बाद से देश में राजनीतिक भूचाल मचा हुआ है।

नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआरसीपी के राज्यसभा के दो सांसदों ने इस्तीफा दे दिया है। बीडा मस्थान राव जादव और वेंकटारमन राव मोपीदेवी का इस्तीफा उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने स्वीकार कर लिया है।

बीडा मस्थान राव का कार्यकाल जून 2028 में समाप्त होना था। वह तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) छोड़कर वाईएसआरसीपी में शामिल हुए थे। अब उनके वापस तेदेपा में जाने की अटकलें हैं।

राज्यसभा में घट जाएगी वाईएसआरसीपी की संख्या

सूत्रों के मुताबिक मोपीदेवी का कार्यकाल जून 2026 तक था। वह भी तेदेपा में शामिल हो सकते हैं। इन दोनों सदस्यों के इस्तीफे के बाद राज्यसभा में वाईएसआरसीपी के सदस्यों की संख्या 11 से घटकर नौ रह गई है। राजग की प्रमुख सहयोगी तेदेपा का राज्यसभा में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। ऐसी जानकारी मिली है कि तेदेपा मस्तान राव को उपचुनाव में मैदान में उतार सकती है लेकिन मोपीदेवी राज्यसभा में वापसी के इच्छुक नहीं हैं।

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