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श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने शनिवार को राज्य पुलिस से पूछा कि उसने किस कानून के तहत उस नाबालिग लड़की को हिरासत में लिया, जिसका गत मंगलवार को कथित रूप से एक सैनिक ने हंदवाड़ा में यौन उत्पीड़न किया था। इस घटना की वजह से शुरू हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों में पांच लोग मारे गए हैं। 16 साल की लड़की की मां ताज बेगम ने शनिवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी बेटी और दो दूसरे परिजनों की पुलिस की 'अवैध हिरासत' से रिहाई की मांग की। ताज के वकील परवेज इमरोज ने यह जानकारी दी। इमरोज ने कहा कि न्यायमूर्ति एम.एच. अतर ने राज्य को नोटिस जारी करने के अलावा हंदवाड़ा के पुलिस अधीक्षक और संबंधित पुलिस थाने को निर्देश दिया कि वे अदालत को बताएं कि उन्होंने किस कानून के तहत नाबालिग लड़की, उसके पिता और उसकी मौसी को 12 अप्रैल की घटना के बाद से हिरासत में रखा हुआ है। उन्होंने कहा कि अदालत ने पुलिस को लड़की को बयान दर्ज कराने के लिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने का भी निर्देश दिया।

श्रीनगर: नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा में प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षाबलों की गयी फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई तब महबूबा मुफ्ती अपने प्रचार के लिए दिल्ली के दौरे पर चली गईं। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, सुरक्षाबलों की फायरिंग में तीन लोग मारे गये लेकिन मुख्यमंत्री ने क्या किया। वह अपने प्रचार के लिए दिल्ली में बनी रहीं। उन्होंने लिखा, यह वही महबूबा मुफ्ती हैं, जो एक साल पहले छोटी-छोटी से घटना पर आंसू बहाने घाटी में कहीं भी चली जाती थीं। अब्दुल्ला के इस ट्वीट पर तत्काल की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई और लोग उन्हें उनके कार्यकाल की याद दिलाने लगे। एक ट्वीट में अब्दुल्ला पर निशाना साधते हुए लिखा गया, क्या आपको 2010 की याद नहीं जब आपके मुख्यमंत्री रहते हुए सुरक्षाबलों और पुलिस की फायरिंग में 120 से अधिक लोग मारे गये।

श्रीनगर: कश्मीर में आज (शुक्रवार) भी अशांति बनी रही क्योंकि कुपवाड़ा जिले में आज प्रदर्शन के दौरान सेना के कैंप पर हमला करने वाले प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों की ओर से की गई गोलीबारी में एक युवक की मौत हो गयी जबकि तीन लोग घायल हो गए। हंदवाड़ा में तीन व्यक्तियों की मौत के चौथे दिन आज कुपवाड़ा और उसके आसपास के इलाकों में प्रदर्शन हुआ। एक लड़की के साथ छेडखानी के आरोप के बाद मंगलवार को हंदवाड़ा में लोगों ने प्रदर्शन किया था और प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षाबलों की गोलीबारी में ये तीनों मारे गए थे। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आज यहां से करीब 100 किलोमीटर दूर नाथनुसा इलाके में सुरक्षाबलों ने भीड़ पर गोलियां चलायीं जिसमें चार लोग घायल हो गए। यह भीड़ सेना के एक कैंप पर पथराव कर रही थी। सू़त्रों ने बताया कि घायलों में एक आरिफ अहमद की हालत गंभीर थी और उसने दम तोड़ दिया। हंदवाड़ा में एक लड़की के साथ छेड़खानी के आरोपों के बाद मंगलवार को अशांति शुरू हुई थी। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि भीड़ के सैन्य कैंप पर धावा बोल देने के बाद ही सुरक्षाबलों ने गोलियां चलायीं। उन्होंने कहा, प्रदर्शनकारियों का एक समूह सैन्य कैंप पर पथराव कर रहा था लेकिन सैनिकों ने संयम से काम किया। हालांकि स्थिति नियंत्रण से बाहर जाने लगी क्योंकि उनमें से बड़ी संख्या में लोगों ने सभी दिशाओं से कैंप पर हमला करने की कोशिश की।

श्रीनगर: विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में चार लोगों की मौत के बाद कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में लगातार तीसरे दिन भी कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लागू रहे। मंगलवार के बाद से ही घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं प्रभावित हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि उत्तर कश्मीर के कुपवाड़ा शहर, करालगुंद, हंदवाड़ा, मागम और लांगेट इलाकों में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े प्रतिबंध लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हंदवाड़ा शहर में मंगलवार को एक सैनिक द्वारा एक लड़की के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ किए जाने की घटना के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद प्रतिबंध लगा दिए गए थे। उन्होंने कहा कि इसके एक दिन बाद हंदवाड़ा की घटना के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के दौरान एक अन्य युवक की मौत कुपवाड़ा के दुर्गमुल्ला में हो गई थी। अधिकारी ने कहा कि श्रीनगर शहर के कई पुलिस थाना क्षेत्रों में भी प्रतिबंध जारी रहे। वहां से कल पूरे दिन पथराव की छिटपुट खबरें आती रहीं। उन्होंने कहा कि प्रभावित पुलिस थाना क्षेत्रों में महाराजगंज, खान्यार, नौहट्टा, रैनावाड़ी और मैसुमा शामिल हैं।

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