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अमरावती: तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के 18 कर्मचारियों को ‘गैर-हिंदू’ धर्म का पालन करते हुए पाए जाने के बाद उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई, जिसके तहत उन्हें मंदिर निकाय द्वारा आयोजित सभी धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने से रोक दिया गया है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। मंदिर निकाय के अधिकारी के अनुसार, इस संबंध में हाल ही में एक परिपत्र जारी किया गया है। टीटीडी तिरुपति स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री वेंकटेश्वर मंदिर का आधिकारिक संरक्षक है

अधिकारी ने बताया, ‘‘उन 18 कर्मचारियों को धार्मिक आयोजनों में भाग लेने से रोक दिया गया है। उन्हें टीटीडी के सभी धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों में भाग लेने से भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। वे भाग नहीं ले सकते।’’ इससे पहले नवंबर 2024 में, अध्यक्ष बीआर नायडू की अध्यक्षता वाले टीटीडी बोर्ड ने कहा था कि वह तिरुमाला में काम करने वाले गैर-हिंदुओं पर उचित निर्णय लेने के लिए एन चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार को एक पत्र लिखेंगे। इसके अलावा, टीटीडी के नियमों के अनुसार गैर-हिंदुओं को मंदिर में दर्शन करने से पहले देवता में अपनी आस्था घोषित करनी होती है।

विशाखापत्तनम: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के साथ जनता के उत्साह के बीच बुधवार को यहां एक रोड शो किया।

रोडशो के दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और खुले वाहन पर सवार नेताओं पर फूल बरसाए तथा हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया।

पूरा मार्ग तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनसेना पार्टी के झंडों से सजा पटा हुआ था।

बंदरगाह शहर विशाखापत्तनम में संपत विनायक मंदिर से शुरू होकर रोड शो आंध्र विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग कॉलेज मैदान में पहुंचा, जहां एक जनसभा का आयोजन किया गया है।

मोदी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर डिजिटल तरीके से कई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और कुछ परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।

तिरुपति: आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर में बुधवार को भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भगदड़ वैकुंठ द्वार दर्शन टिकट वितरण केंद्र के पास मची, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई। कई लोगों के घायल होने की खबर है। घायलों को श्री वेंकटेश्वर रामनारायण रुइया सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया या है। आज सुबह से करीब 4000 श्रद्धालु तिरुपति में विभिन्न टिकट केंद्रों पर वैकुंड द्वार दर्शन टिकट के लिए कतार में खड़े थे। यह घटना तब हुई जब श्रद्धालुओं को बैरागी पट्टी पार्क में टोकन वितरण के लिए कतार में लगने की अनुमति दी गई।

मृतकों में एक की पहचान मल्लिका के रूप में हुई है। मल्लिका के पति ने बताया, जब मेरी पत्नी और अन्य लोग वैकुंठ द्वार दर्शन के लिए टिकट लेने की कोशिश कर रहे थे, तभी भगदड़ मच गई, जिसके कारण उनकी मौत हो गई। मैंने अपने सभी रिश्तेदारों को सूचित कर दिया है। वे यहां आ रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड (टीटीडी) के अध्यक्ष बीआर नायडू ने कहा कि 'भगदड़ में छह लोगों के मारे जाने की खबर है।'

तिरुपति: तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) की पहली बैठक हाल ही में संपन्न हुई। इस बैठक में इसके नए अध्यक्ष बीआर नायडू के नेतृत्व में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में तय किया गया कि भगवान वेंकटेश्वर मंदिर में दर्शन के समय को दो-तीन घंटे तक कम करने के लिए एक्शन प्लान सुझाने के लिए एक्सपर्ट का एक पैनल गठित किया जाएगा। इसके अलावा वहां राजनीतिक बयानबाजी पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।

इसके अलावा इस बैठक में लड्डू बनाने के लिए बेहतर गुणवत्ता वाले घी की खरीद और गैर-हिंदुओं का ट्रांसफर करने जैसे कई अन्य प्रमुख फैसले लिए गए। बता दें कि टीटीडी वह बोर्ड है, जो आंध्र प्रदेश के श्री वेंकटेश्वर मंदिर का प्रबंधन करता है। यह बैठक जून में तेलुगु देशम पार्टी के नेतृत्व वाली एनडीए के सत्ता में आने के बाद पहली बैठक भी थी।

टीटीडी के कार्यकारी अधिकारी जे श्यामला राव ने बताया कि वे भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन के लिए प्रतीक्षा समय को कम करने के तरीके तलाशना चाहते हैं, जो कभी-कभी 20 घंटे तक हो जाता है।

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