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शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए राज्य विधानसभा में अपने कार्यकाल का पहला बजट शुक्रवार को पेश किया। इसमें सुक्खू ने घोषणा की है कि राज्य के सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिहाज से हिमाचल प्रदेश को एक आदर्श राज्य बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि डीजल से चलने वाली कुल 1,500 बसों को 1,000 करोड़ रुपये की लागत से बदला जाएगा।

प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कांगड़ा जिले को पर्यटन राजधानी के तौर पर विकसित करने और सभी 12 जिलों को अगले एक वर्ष के दौरान हेलिपोर्ट सुविधा से जोड़ने की भी घोषणा की गई।

हालांकि 2022-23 के दौरान राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि घटकर 6.4 प्रतिशत रह गई जो 2021-22 के दौरान 7.6 प्रतिशत थी। संशोधित वेतनमान के बकाये और 11,000 करोड़ रुपये के महंगाई भत्ते के भुगतान के कारण राज्य पर 75,000 करोड़ रुपये का भारी कर्ज और अन्य देनदारियां हैं।

शिमला: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे आम आदमी पार्टी (आप) नेता मनीष सिसोदिया की ‘साफ-सुथरी छवि' के लिए सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि संभव है कि उन्होंने पार्टी और चुनाव के लिए ‘‘पैसा इकट्ठा'' करने के वास्ते यह सब किया हो। अपनी टिप्पणी से पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा करने वाले शांता कुमार ने कहा कि ‘आप' ने केंद्र सरकार की नाक के नीचे दिल्ली में बीजेपी को हराकर सरकार बनाई थी। उन्होंने कहा कि ‘आप' सरकार ने पांच साल तक काम किया और फिर सत्ता में वापसी की, जो एक 'बड़ी उपलब्धि' है।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 2021-22 के लिए शराब नीति बनाने और उसे लागू करने में कथित भ्रष्टाचार को लेकर सिसोदिया को रविवार की शाम गिरफ्तार किया था। यह नीति अब रद्द की जा चुकी है।

फेसबुक पर पोस्ट किए गए एक बयान के अनुसार बीजेपी नेता ने कहा कि सिसोदिया ने एक साफ-सुथरी छवि वाले उपमुख्यमंत्री के रूप में ख्याति अर्जित की, जिसने ‘‘सराहनीय काम'' किया।

शिमला: हिमाचल प्रदेश में ओल्ड पेंशन स्कीम को मंजूरी मिल गई है। सुक्खू की अगुआई वाली कैबिनेट ने पहली ही बैठक में चुनाव के दौरान किए गए वादे को पूरा करते हुए ओल्ड पेंशन स्कीम को फिर से लागू करने के प्रस्ताव पर शुक्रवार को मुहर लगाई। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान यह वादा किया था।

राज्य में ओपीएस के लागू होने से राज्य के 1.36 लाख कर्मचारी लाभान्वित होंगे। ओपीएस बहाल करने वाला हिमाचल चौथा राज्य हो गया है। इसके अलावा महिलाओं को हर महीने 1500 पेंशन और एक लाख नोकरी देने को लेकर भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है और इसके लिए कैबिनेट सब कमेटी एक महीने में रोडमैप बनाकर कैबिनेट को सौंपेगी।

सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के पहले वादा किया था कि कांग्रेस सत्ता में आने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में ओपीएस बहाल करेगी। 1.36 लाख कर्मचारियों को इसका लाभ होगा. ये लोहड़ी का तोहफा कर्मचारियों को सरकार ने दिया है। इसके लिए काफी चुनौतियां आईं और आगे काफी वित्तीय बोझ सरकार पर पड़ेगा।

शिमला: हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने और सुखविंदर सिंह सुक्खू के सीएम पद की शपथ लेने के साथ ही कैबिनेट को लेकर कयास लगने शुरू हो गए थे। हालांकि पार्टी कीे अंदरूनी कलह के कारण सुक्खू कैबिनेट के लिए मंत्रियों का चयन टेढ़ी खीर मानी जा रही थी, लेकिन अब हिमाचल प्रदेश की सुक्खू कैबिनेट में में सात नए मंत्री शामिल हुए हैं।

सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली हिमाचल प्रदेश मंत्रिपरिषद मे सात मंत्रियों को शामिल करने से मंत्रियों की कुल संख्या अब नौ हो गई है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने राजभवन में एक समारोह में नवनियुक्त मंत्रियों को शपथ दिलाई।

नए शामिल मंत्रियों में सोलन से विधायक धनीराम शांडिल, कांगड़ा जिले के जावली से चंदर कुमार, सिरमौर जिले के शिल्लाई से हर्षवर्धन चौहान और जनजातीय किन्नौर जिले से जगत सिंह नेगी शामिल हैं। इनके अलावा रोहित ठाकुर, अनिरुद्ध सिंह और विक्रमादित्य सिंह को भी मंत्रिपरिषद में जगह मिली है, जो क्रमश: जुब्बल-कोटखाई, कसुम्पटी और शिमला (ग्रामीण) से विधायक हैं।

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